
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को रमजान से परहेज! तो राहुल गांधी को सिर्फ कर्नाटक की फिक्र
नई दिल्ली। देश में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव चल रहा है। देश के राजनीतिक दलों दिग्गज चुनावी रैलियों को बड़े बड़े दावे कर रहे हैं। खास तौर पर हर जाति वर्ग को लुभाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। आम तौर पर जाति के नाम पर राजनीति करने का आरोप झेलने वाली भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर ऐसे ही मामले में घिरी है। दरअसल पार्टी के नेताओ खास तौर पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह हिंदू त्योहारों को लेकर को अपने ट्विटर पर बधाई दी लेकिन मुस्लिम समुदाय के रमजान को लेकर उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया। इस रेस में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को तो सिर्फ कर्नाटक की फिक्र है।
अपनी चुनावी रैलियों में भले ही भाजपा हर जाति और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने के दावे करती हो, भले ही पीएम मोदी अपनी पार्टी की कट्टर हिदू छवि को बदलने में जुटे हों लेकिन तथ्य कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। दरअसल मंगलवार 7 मई को देश में हिंदू औऱ मुस्लिम समुदाय दोनों के त्योहार हैं। हिंदुओं के लिए जहां अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती और दक्षिण राज्यों में बास्वेश्वरा जयंती मनाई जा रही है तो वहीं देर रात से मुस्लिम समुदाय के पवित्र महीने यानी रमजान की शुरुआत हो गई है।
खास बात यह है कि अमित शाह ने अपने ट्वीटर हैंडल पर सुबह परशुराम जयंती और अक्षय तृतीय की तो सभी को बधाई दी लेकिन रमजान को शायद वे भूल गए। बहरहाल ये उनकी भूल है या फिर सिर्फ अपने वोट बैंक का ख्याल ये बड़ा सवाल है।
भाजपा के ट्विटर से भी रमजान गायब
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अकेले नहीं है जिन्होंने रमजान की बधाई नहीं दी। भाजपा के ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से भी रमजान गायब नजर आया। यहां परशुराम जयंती को लेकर तो जनता को बधाई दी गई, लेकिन रमजान का कोई जिक्र नहीं है।
राहुल ने दी बास्वेश्वरा की बधाई
धर्म के नाम पर वोट बैंक साधने वालों में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। मंदिर और मस्जिद में जाकर जनता के बीच अच्छी छवि बनाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को तो सिर्फ कर्नाटक के लोगों की चिंता दिखी। उन्होंने कर्नाटक के लोगों को बास्वेश्वरा जयंती की शुभकामानाएं दीं, लेकिन बाकी सभी त्योहार भूल गए।
Published on:
07 May 2019 01:45 pm
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