नई दिल्ली। शिवसेना के साथ एनसीपी और कांग्रेस की जुगलबंदी को देखकर भाजपा भौचक्की रह गई है। पार्टी नेताओं ने सुबह से अपने होंठ सीले हुए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता ऑफ द रिकॉर्ड कह रहे है कि उस तरफ (शिवसेना का नया गठबंधन) जब तक फाइनल नहीं होता तब तक वह पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। देर शाम तक पार्टी अधिकारिक बयान जारी कर सकती है। लेकिन बदली हुए परिस्थितियों में पार्टी के पास बोलने के लिए कुछ बचा भी नहीं है। शिवसेना ने जिस तरह से भाजपा के साये से आगे निकलने का फैसला किया है, उसके बाद भाजपा को खुद को सांत्वना देने के लिए बस यही उम्मीद बच गई है कि इस प्रस्तावित गठबंधन की सरकार बनती है तो वे ज्यादा दिनों तक नहीं चले। अगर यह लंबी अवधि तक चला तो भाजपा का महाराष्ट्र की सियासत में खुद को नंबर वन पर बरकरार रखना मुश्किल हो जाएगा।