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CM पद को लेकर चल रही खींचतान के बाच DK के मैसेज से मचा सस्पेंस, कहा- नई पीढ़ी को…

Karnataka CM tussle: डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा कि मैं नए खून का समर्थन करता हूं। पार्टी को नई सोच की जरूरत है।

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Karnataka CM Siddaramaiah

डीके शिवकुमार के साथ सिद्धारमैया। (Photo-IANS)

Karnataka Congress political crisis: कर्नाटक में सीएम पद को लेकर खींचतान खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। अब डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के मैसेज के बाद एक बार फिर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम ने मंत्रिमंडल में नए खून को शामिल करने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती और पार्टी के भविष्य के लिए नई सोच जरूरी है।

क्या बोले शिवकुमार?

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा कि मैं नए खून का समर्थन करता हूं। पार्टी को नई सोच की जरूरत है। पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती। बता दें कि कांग्रेस आलाकमान, सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार से विधायकों ने आग्रह किया कि कम से कम पांच नवनिर्वाचित विधायकों को मंत्री पद दिया जाए। 

दिल्ली का करेंगे दौरा- डिप्टी सीएम 

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा कि वे आने वाले दिनों में कांग्रेस आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द ही प्रदेश का दौरा करने वाले हैं। 

नेतृत्व परिवर्तन को लेकर क्या बोले शिवकुमार?

इस दौरान शिवकुमार ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने महादेवप्पा का बयान सुना है। वह हमारे आलाकमान हैं और हो सकता है कि उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी हो। मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

कांग्रेस विधायक ने हाईकमान को लिखी चिट्ठी

कांग्रेस नेता मंतर गौड़ा ने कहा कि पार्टी के कई विधायकों ने हाईकमान को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि कम से कम पांच नए चुने गए विधायकों को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के मंत्रिमंडल में जगह दी जाए।

विधायक गौड़ा ने कहा कि पहली बार जीतकर आए कुछ विधायकों को भी मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल होने पर कम से कम उनके जिले से एक विधायक को जरूर शामिल किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सिर्फ अनुरोध है, अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा।