उन्होंने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान सत्ताधारी सपा और बीजेपी ने पूरे प्रदेश को दंगे की आग में झोंक दिया था। ये फिर से वैसी ही हरकतें करने के प्रयास हैं। मौर्य ने कहा, "सपा-बीजेपी की नूराकुश्ती में प्रदेश की हिन्दू-मुस्लिम एकता भंग हो रही है। राम जन्मभूमि का पूरा मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, फिर बीजेपी के लोगों को कानून हाथ में लेने की जरूरत क्यों पड़ी?" सपा में पंचायत चुनाव को लेकर मचे घमासान को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश को पहले से चार मुख्यमंत्री चला रहे हैं तो अंतर्द्वद तो होना ही है। पार्टी के भीतर का विवाद अब खुलकर बाहर आ रहा है, जो कि 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह होगा।