बेंगलुरु।
कर्नाटक में रविवार को सिद्धारमैया सरकार में हुए बड़े फेरबदल के बाद
सत्तारूढ़ दल के विधायक एम कृष्णप्पा के समर्थकों ने विजय नगर मेट्रो
स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। समर्थक विधायक कृष्णप्पा को मंत्री पद नहीं दिये जाने से नाराज थे। तकरीबन
250 समर्थक ट्रेन में चढ़ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगा जिससे माहौल
तनावपूर्ण हो गया। इसकी वजह से ट्रेन थोड़ी देर तक रुकी रही।
पुलिस
ने मौके पर पहुंच समर्थकों को तितर-बितर किया उसके बाद ही ट्रेन चल पाई।
विधायक के समर्थकों ने दुकानों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और वाहनों पर
पत्थर बरसाए जिसकी वजह से नयनधल्ली जंक्शन से
सेटेलाइट बस स्टैंड तक यातायात घंटों तक बाधित रहा। तनाव के मद्देनजर
इलाके में पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है।
दरअसल
पूरा विवाद उस समय बढ़ गया जब विधायक के घर के सामने समर्थक फूलों की माला
और पटाखे लिए इस बात का इंतजार कर रहे थे कि उनके नेता को
मुख्यमंत्री की तरफ मंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रण आएगा। लेकिन
ऐसा नहीं हुआ और समर्थक बेकाबू हो गए। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर चरण रेड्डी
ने कहा कि लगभग दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं विजय नगर और
गोविंदपुरी के कांग्रेसी निगम पार्षदों ने इसके विरोध में अपने पद से
इस्तीफा देने की धमकी भी दी है।
13 नए मंत्रियों ने ली शपथ, 14 मंत्री हटाए
मुख्यमंत्री
ने नए मंत्रियों के शपथ लेने से पहले मंत्रिमंडल के 14 सदस्यों को हटा
दिया। इस फेरबदल को कांग्रेस आलाकमान की हरी झंडी मिली हुई थी। राज्यपाल
की तरफ से एक अधिसूचना में कहा गया कि राज्यपाल वाजूभाई वाला ने सिफारिशें
स्वीकार कीं। हटाए गए मंत्रियों में कमरूल इस्लाम, शामनूर शिवशंकरप्पा,
वी श्रीनिवास प्रसाद, एमएच अंबरीश, विनय कुमार सोराके, सतीश जारकिहोली,
बाबूराव चिंचानसूर, शिवराज संगप्पा तांगदागी, एसआर पाटिल, मनोहर तहसीलदार,
के अभयचंद्र जैन, दिनेश गुंडू राव, किमाने रत्नाकर, पीटी परामेश्वर नाइक
शामिल हैं। वहीं तनवीर सैत, के थिम्मप्पा, रमेश कुमार, बासवराज राया रेड्डी,
एचवाई मेती, एसएस मल्लिकार्जुन, एमआर सीताराम, संतोष लाड और रमेश जरकिहोली
को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। प्रियांक खड़गे, रूद्रप्पा लमनी, ईश्वर खंद्रे और प्रमोद माधवराज को राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है।