राजाधिराज भगवान महाकाल के आंगन में महापौर मुकेश टटवाल एक बार फिर नई पहल करने जा रहे हैं। अब वे बाबा के भक्तों को दहलीज तक ले जाने का प्लान बना रहे हैं। इसे वे आगामी बैठक में प्रस्ताव के रूप में रखेंगे। इसके अलावा हर मंगलवार को शहरवासियों के लिए नि:शुल्क भस्म आरती की व्यवस्था संभवत: इसी मंगलवार से शुरू हो जाएगी।प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि संख्या 300 रहेगी। साथ ही एक दिन पहले सभी को अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
जल्द ही महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को गर्भगृह के बाहर चौखट से दर्शन मिल सकेंगे। ये योजना महापौर टटवाल ने तैयार की है। जल्द ही इसे महाकाल मंदिर समिति की होने वाली प्रबंध समिति की बैठक में रखकर लागू किया जाएगा। साथ ही इस मंगलवार से उज्जैन वासियों के लिए नि:शुल्क भस्म आरती भी शुरू हो जाएगी। शनिवार को महापौर टटवाल और एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा ने महाकाल मंदिर का दौरा किया। उन्होंने गार्डों से बातचीत कर बताया कि आने वाले श्रद्धालुओं पर गुस्से से नहीं, बल्कि नम्रता से बात करें। हाथ जोडक़र जय महाकाल बोलें। कोई विवाद नहीं होगा।
गर्भगृह से दर्शन व्यवस्था अब संभव नहीं
महापौर ने बताया कि महाकाल लोक बनने के बाद से जिस प्रकार हमारे शहर में भीड़ का दबाव बढ़ा है, इससे मंदिर के गर्भगृह तक श्रद्धालुओं को ले जाना अब संभव नहीं लग रहा। यही वजह है कि बाहर चौखट तक उन्हें लाया जाए, ताकि वे करीब से दर्शन कर सकें और दूध-जल व प्रसाद आदि अर्पण कर सकें। मंदिर में गर्भगृह के बाहर चौखट से दर्शन कराने का प्लान बनाया गया है, जिसे शीघ्र ही अमल में लाया जाएगा। इस प्लान को बैठक में रखकर लागू किया जाएगा।
अधिकृत पुजारी-पुरोहित ही करें प्रवेश
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश का नियम जहां आम जनता पर लगाया जा रहा है, वहीं वीवीआईपी के लिए भी क्राइट एरिया तय किया जाएगा। अधिकृत पुजारी-पुरोहितों को ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी जाए, बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
नि:शुल्क प्रवेश द्वार के बाद अब नि:शुल्क भस्म आरती
महापौर बनने से पहले टटवाल ने जनता से वादा किया था कि यदि मैं बना, तो मंदिर में शहरवासियों के प्रवेश के लिए अलग से गेट बनाया जाएगा, जो कि अवंतिका द्वार के नाम से बन चुका है, अब नि:शुल्क भस्म आरती के लिए दिन तय कर दिया गया है। हर मंगलवार शहरवासी अपने परिवार के साथ नि:शुल्क भस्म आरती में शामिल हो सकेंगे।
शहरवासियों को नि:शुल्क भस्म आरती के लिए पूर्व में हुई प्रबंध समिति की बैठक में ही निर्णय ले लिया गया था। किंतु आचार संहिता के चलते लागू नहीं कर पाए थे। अब चूंकि महापौर ने इसे फिर से संज्ञान में लिया है, तो इस मंगलवार से व्यवस्था शुरू कर सकते हैं।
– संदीप सोनी, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति।