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भारतीय सेना के विरोध में बयान देने पर कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज पर केस

भारतीय सेना के खिलाफ बयान देने वाले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं पर केस दर्ज हुआ है। याचिका दायर कर इनपर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
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नई दिल्ली

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Patrika Desk

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Updated: 30 Jun 2018, 10:27 AM IST

Ghulam Nabi Azad

कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं के खिलाफ केस, भारतीय सेना पर दिया था बगावती बयान

नई दिल्ली। सेना के खिलाफ बयान देने के आरोप में कांग्रेस के दो नेताओं के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में मामला दर्ज किया गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

शनिवार को हो सकती है सुनवाई

भारतीय सेना पर बगावती बयान देने के आरोप में शुक्रवार को अदालत ने कहा कि अधिवक्ता शशि भूषण की शिकायत के अनुसार, गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर में सैन्य अभियान में आतंकवादियों से ज्यादा नागरिक मारे जाते हैं। मामले की सुनवाई शनिवार को होने की संभावना है।

राजद्रोह का मामला चलाने की मांग

अधिवक्ता शशि भूषण ने अपनी शिकायत में दोनों नेताओं पर लोगों को भारतीय सेना और भारत सरकार के खिलाफ असंतोष भड़काने वाले बयान देने का आरोप लगाया। अधिवक्ता ने दोनों नेताओं के खिलाफ राजद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और थल, जल या वायुसेना के खिलाफ अफवाह फैलाने के आपराधिक मामले के तहत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने इससे सैन्य विद्रोह की आशंका जताई। उन्होंने दावा किया कि कथित बयान सेना को निर्दोष नागरिकों के हत्यारे के तौर पर चित्रित कर रहा है, जिससे देश के खिलाफ युद्ध तक छिड़ सकता है। अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में आगे लिखा कि बयानों से गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं तथा ये आतंकवादियों को भारत पर हमला करने के लिए उकसाते हैं।

गुलाम ने क्या कहा था...

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ता है। एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है। आजाद जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। एक समाचार चैनल से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि हाल के आंकड़ों पर गौर करें तो सेना की कार्रवाई नागरिकों के खिलाफ ज्यादा और आंतकियों के खिलाफ कम हुई है। घाटी में हालात बिगड़ने का मुख्य कारण यह है कि मोदी सरकार बातचीत करने की अपेक्षा कार्रवाई करने में ज्यादा यकीन रखती है। ऐसा लगता है कि वे हमेशा हथियार इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को ऑपरेशन ऑल आउट कहना, यह स्पष्ट बताता है कि वे बड़े जनसंहार की योजना बना रहे हैं।

सोज ने क्या कहा था...

केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज की पुस्तक 'कश्मीर : ग्लिम्पसेस ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' में कहा गया है कि जनरल मुशर्रफ का वह आंकलन लगता है कि आज भी सही, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि कश्मीर के लोगों को अपना मत जाहिर करने का मौका मिले तो वे आजादी को तरजीह देंगे।

बीजेपी ने भी की थी कार्रवाई की मांग

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस से उसके वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज द्वारा कश्मीर पर दिए गए बयान के लिए माफी मांगने के लिए कहा था। इसके साथ ही शाह ने कांग्रेस को दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती भी दी। शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के बाद, कांग्रेस ने चुनाव के लिए 'अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया'।