राजनीति

महाराष्ट्रः कांग्रेस ने कहा देश के इतिहास में 23 नवंबर काला अध्याय, पूछे 10 सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस। भाजपा पर लगाया संविधान को पांव तले रौंदने का आरोप। महाराष्ट्र में सरकार गठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शनिवार को हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस ने निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि 23 नवंबर का दिन महाराष्ट्र और देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काले अध्याय के तौर पर दर्ज होगा, जब संविधान को पांव तले रौंद दिया गया। इस दौरान खुले मंच से सुरजेवाला ने पीएम मोदी से 10 सवाल भी पूछे।

राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरजेवाला ने कहा, "अवसरवादी अजित पवार को जेल की सलाखों का डर दिखा कर सत्ता की हवस में अंधी भाजपा ने प्रजातंत्र की सुपारी ले हत्या कर डाली। भाजपा व अजित पवार ने मिलकर दुर्योधन व शकुनि की तरह महाराष्ट्र के जनादेश का चीरहरण कर दिया है। यह महाराष्ट्र की जनता से विश्वासघात नहीं तो क्या है?"

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उन्होंने आगे कहा, "भाजपा का वायदा तो था, फडणवीस जी का वायदा तो था 72,000 करोड़ के इरिगेशन घोटाले में अजित दादा को आर्थर रोड जेल भेजने का, पर चुनाव के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बना, मंत्रालय भेज दिया। ये केवल मोदी है तो ही मुमकिन हो सकता है।"

कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा, "स्वंतत्र भारत के इतिहास में ये भी पहला अवसर है कि जब रात के अंधेरे में संविधान के पन्ने फाड़ कर और सार्वजनिक जीवन की मर्यादाएं तोड़ कर किसी मुख्यमंत्री को अंधेरी रात के सवेरे में चोरी-छिपे शपथ दिलाने का काम किया गया और महाराष्ट्र के राज्यपाल ने संविधान के रक्षक का नहीं, अमित शाह जी के हिटमैन का काम किया है।"

सुरजेवाला ने कहा, "विधायकों की निष्ठा की मंडी में बोली लगवाना अब भारतीय जनता पार्टी का चाल, चेहरा और चरित्र बन गया है। कर्नाटक, उत्तरांचल, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, गोवा, हरियाणा और अब जनादेश को दरकिनार कर बाबा साहब के प्रदेश महाराष्ट्र में संविधान रौंदने के काम को अंजाम देने वाला और कोई नहीं, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व देश के गृहमंत्री अमित शाह हैं।"

सुरजेवाला ने इस दौरान कहा कि वह देश की जनता की ओर से भाजपा, प्रधानमंत्री और अमित शाह के समक्ष 10 सवाल रखना चाहते हैं:

1- मोदी जी, अमित शाह जी, भारतीय जनता पार्टी के द्वारा सरकार बनाने का दावा कब और किसने पेश किया?

2- सरकार बनाने के दावे पर भारतीय जनता पार्टी और एनसीपी के कितने विधायकों के हस्ताक्षर थे?

3- महाराष्ट्र के राज्यपाल ने उन हस्ताक्षरों को रात के 1 घंटे में कब और कैसे वेरीफाई किया?

4- राज्यपाल महोदय ने केन्द्र सरकार को राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा कितने बजे की?

5- केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठल कल रात कितने बजे हुई और उसमें कौन-कौन मंत्री थे, केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कितने बजे राष्ट्रपति को राष्ट्रपति शासन महाराष्ट्र से हटाने की अनुशंसा की?

6- केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ये सिफारिश कि महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटाया जाए, राष्ट्रपति जी को कितने बजे भेजी गई?

7- राष्ट्रपति महोदय ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल की महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा को कितने बजे स्वीकार किया?

8- राज्यपाल ने शपथ के लिए फडनवीस व अजित पवार को किस पत्र द्वारा, कितने बजे आमंत्रित किया?

9- शपथ हुई कितने बजे? एक प्राइवेट न्यूज एजेंसी को छोड़कर दूरदर्शन सहित किसी भी मीडिया के साथी को अन्य राजनीतिक दलों को महाराष्ट्र के प्रशासनिक अधिकारियों को, महाराष्ट्र के प्रबुद्ध नागरिकों को और महाराष्ट्र के मुख्य न्यायाधीश को उस शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं बुलाया गया, जो कि रवायत है?

10- शपथ दिलाने के बावजूद भी गवर्नर ने अब तक यह क्यों नहीं बताया कि फडणवीस सरकार को बहुमत कब तक साबित करना है?

अहम सवाल ये है कि लोकतंत्र का ये चीरहरण कब तक जारी रहेगा?

Updated on:
24 Nov 2019 09:18 am
Published on:
23 Nov 2019 08:10 pm
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