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शराब नीति पर कांग्रेस का आरोप, दिल्ली में हुआ मास्टर प्लान का उल्लंघन, रिहायशी इलाकों में खुले 90 फीसदी शराब के ठेके

कांग्रेस लगातार अपनी जमीन तलाशने में जुटी हुई है। एक तरफ भारज जोड़ो अभियान की शुरुआत को लेकर पार्टी की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ पार्टी के पुराने और कद्दावर नेता ही पार्टी का हाथ छोड़ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, दिल्ली में आप और बीजेपी की मिलीभगत से ही शराब नीति में गड़बड़ी हुई है।

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Congress Leader Ajay Makan Hold Press Conference Says AAP and BJP Both Responsible For New Liquor Policy

Congress Leader Ajay Makan Hold Press Conference Says AAP and BJP Both Responsible For New Liquor Policy

शराब नीति को लेकर एक बार दिल्ली में सियासी पारा गर्मा गया। कांग्रेस नेता अजय माकन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए शराब नीति में आप और बीजेपी की मिली भगत का आरोप लगाया। अजय माकन ने कहा कि शराब नीति में घोटाले के लिए जितनी जिम्मेदार आम आदमी पार्टी है उतनी ही जिम्मेदार बीजेपी भी है। उन्होंने कहा कि, हम दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहते हैं शराब घोटाले के बारे में उनका क्या कहना है। भाजपा भी अपने आप को इस मामले में भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं कर सकती है। बीजेपी के डीडीए और एमसीडी भी इसमें शामिल हैं।


अजय माकन ने पीसी के दौरान सबसे पहले अरविंद केजरीवाल का 2014 का एक वीडियो दिखाया, जिसमें वे ये बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं कि, 'एक अभी महिला ने बताया, पूरी दिल्ली में इन्होंने रेसीडेंशियल एरिया में दारू के ठेके खोल दिए। ये व्यवस्था की जाएगी कानून के अंदर अगर महिलाएं प्रस्ताव दें कि ये ठेके कहीं और शिफ्ट की जाएं तो वो शराब का ठेका बंद कर वहां से हटाना पड़ेगा।' केजरीवाल के इस पुराने वीडियो को दिखाकर कांग्रेस ने सीधा सवाल किया कि महज सात वर्षों में केजरीवाल कैसे इतने बदल गए?

अजय माकन ने कहा कि, दिल्ली में चार सरकारी एजेंसी ऐसी है शराब के रिटेल का कारोबार करती है। इसके अलावा कांग्रेस के शासन के दौरान इंडिविजुअल लोगों को भी लाइसेंस दिए गए थे। ये सभी लाइसेंस डीडीए के लोकल शॉपिंग कॉम्पेलेक्स या मॉल में दिए गए थे।

रिहायशी इलाकों में एक भी ठेका नहीं खोलने दिया गया था। सात चीजों की सूची थी जो रिहायशी इलाकों में लागू नहीं थी। इसमें शराब की दुकानें भी शामिल थीं। ये 2007 का मास्टर प्लान था, जो मैं खुद शहरी विकास मंत्री के तौर पर लेकर आया था।


849 दुकानों का टारगेट था इनमें 460 दिल्ली में खुले इनमें से 90 फीसदी रिहायशी इलाकों में खोली गई हैं, जो मास्टर प्लान का उल्लंघन है। इस प्लान के उल्लंघन मामले में दिल्ली एमसीडी इसको सील कर सकती थी। एमसीडी बीजेपी के अंडर में आती है। ऐसे में इस घोटाले में बीजेपी भी बराबरी की जिम्मेदार है।

एक कमेटी 2020 में बनाई गई, लिकर पॉलिसी कैसे बेहतर बनाई जाए। इसके दो सुझाव थे, एक होलसेल और एक रिटेल के लिए। इन दोनों सुझावों को भी आम आदमी पार्टी ने नहीं माना। 144 करोड़ रुपए शराब माफियाओं को माफ कर दिए गए। ये कहकर कि कोविड में इनको भारी नुकसान हुआ।

केजरीवाल ने शराब माफियाओं का 144 करोड़ रुपए तो माफ किया लेकिन छोटे दुकानदार का तो माफ नहीं किया। कई गरीब परिवार के लोग स्कूलों की लगातार फीस देते रहे और फीस माफ करने की मांग करते रहे लेकिन आपने किसी के माफ नहीं किए।


इससे पहले कांग्रेस नेता अजय माकन ने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि, गुलाम नबी आजाद कांग्रेस में कई पदों पर रहे। इस समय जब कांग्रेस देश में महंगाई, बेरोजगारी जैसे मसलों के खिलाफ लड़ रही है तो संघर्ष के समय गुलाम नबी आजाद हमलोग को छोड़ कर जा रहे हैं। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि यह दुख की बात है कि गुलाम नबी आजाद विपक्ष की आवाज नहीं बन पाए।