
नई दिल्ली। राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार शाम को हुई हिंसा (JNU violence) को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम (P Chidambaram) ने सोमवार को कहा कि यह केंद्र सरकार और पुलिस आयुक्त की निगरानी में हुआ। उन्होंने कहा कि रविवार शाम को जेएनयू में हुई हिंसा से पता चलता है कि हम अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं।
सोमवारर को पी चिदंबरम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि हम तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं।"
कांग्रेस नेता ने हिंसा (JNU violence) करने वाले अपराधियों की पहचान करने और 24 घंटे के अंदर उन्हें गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा करने की मांग की। उन्होंने कहा, "हम यह भी मांग करते हैं कि अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए और उनपर तुरंत कार्रवाई की जाए।"
उन्होंने (P Chidambaram) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की घटना पर सरकार की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि यह कृत्य केंद्र सरकार, गृहमंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त की निगरानी में हुआ है।
चिदंबरम ने कहा, "यह सबसे भयावह कार्य है, जो हमने हाल के दिनों में देखा है। इससे ज्यादा चौंकाने वाला और शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।"
उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस की ओर से एक विफलता करार देते हुए सवाल किया कि क्या पुलिस के पास अनिवार्य खुफिया जानकारी नहीं थी?
उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़ी खुफिया जानकारी नहीं थी तो यह सरकार की खुफिया से जुड़ी विफलता है और अगर इसकी जानकारी थी तो यह उत्तरदायित्व निभाने में घोर विफलता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस आयुक्त को जवाबदेह ठहराया जाए।
Updated on:
06 Jan 2020 05:04 pm
Published on:
06 Jan 2020 04:51 pm

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