
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में चल रहा सियासी घटनाक्रम कब कौनसी करवट ले, ये कोई नहीं जानता। सोमवार को सबको उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद सब साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस बीच सबसे बड़ी खबर जो सामने आ रही है वो ये कि कांग्रेस और एनसीपी के बीच भी एक बड़ा विवाद हो गया है।
दरअसल एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया। इस बयान के तहत उन्होंने कहा कि हमने शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए 50-50 के फॉर्मूले पर बात की। यानी ढाई-ढाई साल के सीएम बनने की बात होने की पुष्टि की।
शरद पवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर घमासान मच गया। शिवसेना की तिकड़ी वाली सरकार का वो पत्ता खुला जिसके बारे में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।
बस फिर क्या था बयानबाजियां भी शुरू हो गईं। सबसे पहला बयान कांग्रेस का ही आ गया। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम शरद पवार के इस बयान के बारे में कुछ नहीं जानते।
सुरजेवाला का ये बयान भी काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। क्योंकि शिवसेना के साथ सरकार बनाने जा रही कांग्रेस को अगर सरकार बनाने के फॉर्मूले का ही नहीं पता तो ये सरकार कैसे बनती।
अगर कांग्रेस सही है तो पवार का बयान गंभीर है। लेकिन अगर पवार सही बोल रहे हैं तो कांग्रेस के लिए ये किसी झटके से कम नहीं है।
बहरहाल सुप्रीम सुनवाई के बीच बीजेपी के लिए ये अच्छी खबर है कि कांग्रेस-एनसीपी अपने ही मकड़ जाल में फंस रही है। दोनों के बयानों का मतलब तो यही निकलता है कि तीन दलों में सहमति अब भी ठीक से बनी नहीं है।
Published on:
25 Nov 2019 02:49 pm
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