
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के महाधिवेशन में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नफरत की विचारधारा का अनुसरण करते हुए 'फूट डालो, राज करो' नीति अपना ली है। राहुल ने यहां कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नफरत फैला रही है और समाज को बांट रही है। राहुल ने कहा कि देश को बांटा जा रहा है और लोगों को एक-दूसरे से लड़ाया जा रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी के पुरुष और महिला कार्यकताओं से कहा कि कांग्रेस लोगों को साथ लाने का काम करती है और जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर बांटने का काम नहीं करती। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रतीक चिन्ह 'हाथ' का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐसा प्रतीक है, जो सारे देश को एकजुट रखता है, हमें रास्ता दिखाता है और यह देश को आगे ले जाएगा।
बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारी पार्टी और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच फर्क यह है कि वे नफरत की विचारधारा का अनुसरण करते हैं, जबकि हम प्रेम, सौहार्द और भाईचारा की विचारधारा का अनुसरण करते हैं। उन्होंने देश में बेरोजगारी और किसानों की स्थिति को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के करोड़ों परेशान युवाओं को रास्ता नहीं मिल रहा है। राहुल ने कहा कि वे यह नहीं समझते कि उन्हें कहां से राह मिलेगी।"राहुल ने सवालिया लहजे में कहा कि देश के किसानों को अपने उत्पादन की सही कीमत कब मिलेगी?
कांग्रेस ने किया विकास
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे देश में कंप्यूटर का आगाज हो या फिर इसरों की शुरुआत सब कांग्रेस की देन है। कांग्रेस का पूरा फोकस देश के विकास पर ही रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह सब इसलिए नहीं दिखाई तो क्योंकि उनकी आंखों में विकार है। कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल चाय वाला होने से ही देश का भला नहीं हो जाता उसके लिए बहुत कुछ करना पड़ता है। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस कोई पराजित नहीं कर सकता है और यदि कर सकता है, तो वो केवल कांग्रेस ही है। कर्नाटक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में प्रचार कर रहे हैं, लेकिन अपना घर बच नहीं पा रहा।
1— कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का खुलासा किया है। पार्टी बीजेपी को हराने े लिए सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ 'साझा व्यावहारिक कार्य प्रणाली विकसित ' करेगी।
2— यह प्रस्ताव लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेश किया। प्रस्ताव में पार्टी आम चुनाव समेत अगले चुनावों में अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की अपनी दिशा काम करेगी।
3— प्रस्ताव में बताया गया कि हमारी आजादी खतरे में है। संवैधानिक मूल्यों और संस्थानों पर भारी दबाव है। गणराज्य को बचाने आगे आना होगा।
4' संवैधानिक मूल चरित्र की रक्षा करने के लिए कांग्रेस हर प्रकार के बलिदान को तैयार है। बीजेपी ने जो राजनीतिक संकट पैदा किया है उसकी सफाई करनी होगी।
5— कांग्रेस ने बीजेपी के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया था।
कार्यकर्ताओं स्वागत किया।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वतंत्रतासेनानियों को सम्मानित किया। अधिवेशन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि भी दी गई। राहुल गांधी ने अधिवेशन शुरू होने से पहले अपना ट्विटर अकाउंट @OfficeOfRG से बदलकर @RahulGandhi और ट्वीट कर कार्यकर्ताओं स्वागत किया। इस दौरान में पार्टी अगले पांच साल के दिए अपनी रणनीति तय करेगी। दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में होने वाले इस इस महाधिवेशन विदेशी और आर्थिक मामलों समेत चार प्रस्ताव (राजनीतिक, आर्थिक, विदेशी मामलों तथा कृषि, बेरोजगारी एवं गरीबी उन्मूलन) भी पारित किए जाएंगे।
84वां महाधिवेशन
यह कांग्रेस का 84वां महाधिवेशन है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कमेटी की बैठक रखी गई। बैठक में चारों प्रस्ताव पर चर्चा की गई। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि महाधिवेशन से पहले रखी गई चिंतन बैठक में चारों प्रस्तावों पर गहन विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावों को महाधिवेशन में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय जानने के बाद ही बाद ही पारित किया जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि महाधिवेशन में पार्टी अगले पांच सालों तक के लिए अपनी रणनीति तय करेगी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने विचार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने रखेंगे। बता दें कि राहुल गांधी को पिछले साल ही कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का अध्यक्ष बनने का बाद यह उनके नेतृत्व में पहला महाधिवेशन होगा। बैठक में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे,वरिष्ठ नेता एके एंटनी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, जनार्दन द्विवेदी समेत और पार्टी के प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष सहित कई बड़े नेता शामिल रहे।
गठबंधन का ऐलान संभव
जानकारों की मानें तो महाधिवेशन में पारित होने वाले राजनीतिक प्रस्ताव सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस प्रस्ताव में पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति जाहिर करेगी। दरअसल, कांग्रेस विपक्षी दलों के महागठबंधन की पैरवी करती रही है, ऐसे में पारित होने वाले प्रस्तावों में कांग्रेस लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को टक्कर देने के लिए महागठबंधन की घोषणा कर सकती है।
Published on:
17 Mar 2018 09:02 am
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