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20 नवंबर को सोनिया ने बुलाई बैठक, अध्यक्ष पद के लिए राहुल के नाम की हो सकती है घोषणा

20 नवंबर को बैठक में अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर मुहर लग सकती है।
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नई दिल्ली

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ashutosh tiwari

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Updated: 18 Nov 2017, 7:10 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आखिरकार पार्टी कार्यसमिति (सीडब्लयूसी) की बैठक 20 नवंबर सोमवार को सुबह 10:30 बजे बुला ली है। इसी के साथ राहुल गांधी के अब पार्टी का अध्यक्ष बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। यही नहीं, पार्टी के मैनेजरों की कोशिश है कि चुनावी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द निपटा कर गुजरात में मतदान से पहले ही राहुल को पार्टी की कमान सौंप दी जाये। पार्टी के रणनीतिकार राहुल की ताजपोशी के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जान फूंकना चाहते हैं, जिससे कि गुजरात में पार्टी भाजपा का पूरे दम से मुकाबला कर सकें।

सीडब्ल्यूसी में तय होगा चुनाव शेड्यूल
20 नवंबर की कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव शेड्यूल को अपनी मंजूरी देगी। आमतौर पर शेड्यूल 10 से 15 दिन का होगा। जिसमें नामांकन पत्र भरने, जांच और नाम वापस लेने की तारीख होगी। सूत्रों का कहना है कि राहुल का चुनाव में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाना तय है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख पर किसी अन्य के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में राहुल का अध्यक्ष बनना तय हो जाएगा। पार्टी इस मौके पर मेगा शो करने की तैयारी में भी है।

गुजरात चुनाव से काफी पहले बन सकते है राहुल अध्यक्ष
वैसे तो कांग्रेस संगठन चुनाव की तय अवधि के अनुसार राहुल गांधी को 31 अक्टूबर से पहले ही पार्टी का अध्यक्ष बन जाना तय था। मगर पार्टी गुजरात चुनाव से पहले या फिर बाद में ताजपोशी कराने को लेकर असमंजस में थी। पार्टी के अंदर एक वर्ग का मानना था कि गुजरात चुनाव के नतीजे अगर नकारात्मक होते है तो 2019 के लोकसभा चुनाव तक राहुल गांधी की राह और कठिन हो सकती है। मगर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहन था कि हर साल कहीं न कहीं चुनाव होते हैं।

अध्यक्ष बनने के बाद टीम में आएंगे नए मेंबर कुछ होंगे बाहर
अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी अपनी टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल कर सकते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष हालांकि पिछले दो साल से लगातार पार्टी पदाधिकारियों में फेरबदल कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रभारियों को बदला है। साथ ही कई राज्यों में युवा नेताओं को प्रदेश कांग्रेस इकाइयों की कमान सौंपी है। मगर अभी भी कुछ पुराने चेहरे हैं, जो राहुल की ताजपोशी के कुछ समय बाद बड़े पदों से हटाए जा सकते हैं।