
आठ करोड़ कैश बरामदगी मामले में बुरे फंसे कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार, ईडी ने दर्ज की FIR
नई दिल्ली। दिल्ली के फ्लैट से आठ करोड़ रुपए कैश बरामद होने के मामले में कांग्रेस के संकटमोचक और कुमारस्वामी सरकार में जल संसाधन व चिकित्सा शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिव कुमार खुद संकट में फंस गए हैं। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही कर्नाटक भवन के सहायक लाइजन अधिकारी अंजनैया हनुमंता और पूर्व अधिकारी राजेंद्रन पर भी एफआईआर हुई है। इन दोनों पर शिवकुमार के कालेधन को सुरक्षित रखने और उनके निर्देश पर पैसे को इधर से उधर भेजने का आरोप है। बताया जा रहा है कि अब ईडी इस मामले में कई बड़े लोगों से पूछताछ कर सकता है।
हवाला के जरिए आता था पैसा
कर्नाटक भवन में सहायक लाइजन ने जांच अधिकारियों को बताया है कि दिल्ली के फ्लैटों से जो पैसा बरामद हुआ है वो शिवकुमार की है। ये पैसा हवाला के जरिए यहां पर आता था या कोई शख्स लाकर देता था। इसके बाद डीके शिवकुमार के कहने पर ही वो पैसा बांटते थे। इस बात को ईडी के अधिकारियों ने एक गंभीर मसला माना है। क्योंकि कर्नाटक सरकार के मंत्री के खिलाफ कर्नाटक सरकार के अधिकारी ने ही बयान दिया है। इसलिए ये मामला बेहद अहम है। डीके शिवकुमार का सीधे तौर पर हवाला मामले में नाम आना जेडीएस और कांग्रेस दोनों के लिए बड़ा झटका है।
विधानसभा चुनाव में जीत के असली नायक
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के डीके शिवकुमार को ही जीत का असली नायक माना जाता है। चुनाव के बाद लंबे सियासी ड्रामे के दौरान डीके शिवकुमार ने ही कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को एकजुट बनाए रखा। कई विधायकों का हाथ पकड़ कर विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान लाने का काम डीके शिवकुमार ने किया था। हालांकि उनके ऊपर सिद्धारमैया सरकार में अवैध खनन के आरोप भी लगे। डीके शिवकुमार पर टैक्स चोरी के भी आरोप लग चुके हैं। उनके भाई पर 66 एकड़ जमीन कब्जाने का आरोप लगा है। अब उन पर आठ करोड़ रुपए कैश बरामद होने के मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
Published on:
18 Sept 2018 01:07 pm

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