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EU के सांसदों का बड़ा बयान- कश्‍मीर भारत का आंतरिक मसला, हम तथ्य देखने आए हैं न कि राजनीति करने

भारत एक शांतिप्रिय देश है मोदी सरकार से लोगों को है काफी उम्‍मीदें नाजी लवर्स बताने पर जताई आपत्ति

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के समाप्‍त करने के बाद हालात का जायला लेने पहुंचे यूरोपियन यूनियन ( EU ) के सांसदों ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की। ईयू के सांसदों ने मीडिया को बताया कि भारत एक शांतिप्रिय देश है। कश्मीर के लोगों को मोदी सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

हम हालात की जानकारी लेने आए हैं

ईयू के सांसदों ने कहा कि धारा 370 को समाप्‍त करना और जम्‍मू-कश्‍मीर का मामला भारत का आंतरिक मसला है। अगर भारत-पाकिस्तान को शांति स्थापित करनी है तो दोनों देशों को आपस में बात करनी होगी। जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे।

मीडिया से बातचीत में EU सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नजरिए से देखा गया जो बिल्कुल ठीक नहीं है। हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे।

नाजी लवर्स कहने पर जताई आपत्ति

EU सांसदों की ओर से इस बात का भी जिक्र किया गया कि हम लोग नाजी लवर्स नहीं हैं। अगर हम होते तो हमें कभी चुना नहीं जाता। उन्होंने इस शब्द के प्रयोग पर काफी आपत्ति भी जताई। बता दें कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने EU सांसदों की तुलना नाजी लवर्स से की थी और उनपर निशाना साधा था। सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ हैं। आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।