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भारत माता की जय कहने पर फारूक अब्दुल्ला का विरोध, जम्मू कश्मीर की दरगाह में फेंके गए जूते

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर उनके ही राज्य में जूते फेंके गए हैं, वो भी इसलिए क्योंकि उन्होंने कुछ दिनों पहले भारत माता की जय के नारे लगाए थे।

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Chandra Prakash Chourasia

Aug 22, 2018

Farooq Abdullah

भारत माता की जय कहने पर फारूक अब्दुल्ला का विरोध, दरगाह में फेंके गए जूते

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर ईद की नमाज के वक्त जूते फेंके गए हैं। बुधवार कोएक दरगाह में ईद की नमाज के दौरान अब्दुल्ला के खिलाफ पहले जमकर नारेबाजी की गई और उन पर जूते तक फेंके गए। ये विरोध फारूक अब्दुल्ला द्वारा भारत माता की जय कहने की वजह से हुआ है।

कई लोगों ने फेंके जूते

श्रीनगर में हजरतबल दरगाह में ईद की नमाज शुरू कराए जाने से पहले ही अब्दुल्ला को अपने खिलाफ नारेबाजी का सामना करना पड़ा। फारूक अब्दुल्ला का विरोध होता देख कई युवाओं ने उन पर जूते फेंकने भी शुरू कर दिए। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते फारूक को मजबूरन नमाज स्थल से वापस लौटना पड़ा।

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बगैर नमाज पढ़े लौटे फारूक अब्दुल्ला

बताया जा रहा है कि जिस वक्त फारूक अब्दुल्ला दरगाह में प्रवेश कर रहे थे इमाम लोगों को आर्टिकल 35ए के बारे में बता रहे थे। इसी बीच फारूक को देख लोग भड़क गए और अब्दुल्ला शेम-शेम के नारे भी लगने लगे। इसी दौरान कुछ लोग आजादी संबधी नारे भी लगा रहे थे।

भारत माता की जय कहने पर हुआ विरोध

कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अब्दुल्ला का विरोध इसलिए हो रहा है, क्योंकि उन्होंने कुछ दिनों पहले भारत माता की जय के नारे लगाए थे। बता दें कि दिल्ली में आयोजित पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने बड़े ही जोश के साथ भारत माता की जय के नारे लगाए थे, जिसकी जमकर तारीफ भी हो रही है।

अब्दुल्ला बोले- मैं पाकिस्तान से नहीं आया

घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि मैं किसी भी तरह के विरोध से नहीं ड़रता हूं। इसी मुल्क की धरती पर पैदा हुआ और यहीं मरूंगा। हम कोई पाकिस्तान से नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति मिलकर बात करने से ही हो सकती है। सिर्फ नारे लगाने से किसी को आजादी नहीं मिल सकती है। अगर यह समझते हैं कि इससे आजादी हो जाएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेरोजगारी और भूखमरी से आजादी पाओ।