राजनीति

पश्चिम बंगालः शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु पर FIR, राहत सामग्री चुराने का आरोप

पश्चिम बंगाल में BJP विधायक शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। टीएमसी ने दोनों भाइयों पर राहत सामग्री चोरी करने का आरोप लगाया है।

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suvendu adhikari

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच एक बार फिर से तनातनी देखने को मिल रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी टीएमसी ने शनिवार को विपक्ष के (BJP) विधायक शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। टीएमसी ने दोनों भाइयों पर राहत सामग्री चोरी करने का आरोप लगाया है। उनके खिलाफ ये एफआईआर पूर्वी मिदनापुर जिले के कोंटाई पुलिस थाने में दर्ज की गई है।


एक लाख रुपए की राहत सामग्री चोरी की आरोप
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के नेता रत्नदीप मन्ना की शिकायत के आधार पर एक जून को कांथी थाने में FIR दर्ज की गई है। रत्नदीप मन्ना, कांथी नगर प्रशासनिक बोर्ड के सदस्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सौमेंदु अधिकारी पूर्व कांठी नगर प्रमुख ने जबरन नगर निगम कार्यालय के गोदाम का ताला खोलने और एक लाख रुपए की राहत सामग्री 'चोरी' करने का आदेश दिया था। मन्ना ने आरोप लगाया कि हिमांग्शु मन्ना और प्रताप डे नाम के दो व्यक्ति ने सौमेंदु के इशारे पर म्युनिसिपैलिटी के गोदाम से तिरपाल का एक ट्रक ले गए थे।


तूफान से प्रभावित इलाकों में बांटी गई चोरी की राहत सामग्री
रत्नदीप मन्ना ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी वारदात को केंद्रीय सुरक्षाबलों की मदद से अंजाम दिया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत शुभेंदु अधिकारी, उनके भाई सौमेंदु अधिकारी, हिमांग्शु मन्ना और प्रताप डे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने प्रताप डे को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस के मुताबिक कथित तौर पर चोरी की गई राहत सामग्री को नंदीग्राम में तूफान से प्रभावित इलाकों में बांटा गया।

शुभेंदु के करीब पर केस दर्ज
एक रिपोर्ट के अनुसार, शुभेंदु के करीबी राखल बेरा को कोलकाता पुलिस ने नौकरी देने के बदले लोगों को आर्थिक रूप से ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुजीत डे की एक शिकायत के आधार पर राखल बेरा ने कथित तौर पर सुजीत को सिंचाई और जलमार्ग मंत्रालय में नौकरी देने का वादा किया। इसके लिए 2 लाख रुपए मांगे थे।

Published on:
06 Jun 2021 12:12 pm
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