
नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। सीमाओं की सुरक्षा में लगे केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान अब पर्यावरण के प्रहरी भी बन चुके हैं। दुश्मनों के साथ-साथ प्रदूषण से भी जंग में बाजी मार रहे हैं। केंद्रीय सशस्त्र बलों के 11 लाख जवानों ने 7 करोड़ पौधे लगाने का रेकॉर्ड बना दिया है। गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर पिछले पांच वर्षों से लगातार यह अभियान चल रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जवान न केवल पौधे लगाते हैं, बल्कि जब तक वे उनकी लंबाई के बराबर नहीं होते, तब तक देखभाल भी करते हैं।
केंद्रीय सशस्त्र बल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रिका को बताया कि मोदी सरकार के पर्यावरण संरक्षण मुहिम से केंद्रीय सशस्त्र बलों को जोड़ने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने जनवरी 2020 में योजना बनाई। हर साल एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया। जब गृहमंत्री को 2021 में पता चला कि सर्वाधिक बारिश के लिए विख्यात चेरापूंजी में वनों की कटाई से वर्षा में कमी हो रही है तो फिर उन्होंने असम राइफल्स को सोहरा पठार को दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए प्रेरित किया। चेरापूंजी में असम राइफल्स ने चेरापूंजी क्षेत्र को कोंद से लेकर सोहरा पठार को दोबारा हरा भरा बनाने की पहल की। तीन वर्षों में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में एक मिलियन पौधे लगाए गए।
सुरक्षा बलों के कैंप आदि स्थानों पर देसी और सेहत के लिए लाभकारी पौधे लगाने पर फोकस है। कोशिश रहती है कि ऐसे पेड़ लगाए जाएं जो 100 साल तक चलें। नीम, इमली, पीपल, शीशम और बरगद जैसे पेड़ ज्यादा संख्या में लगाए जा रहे। इस अभियान का मकसद कार्बन सिक्वेरेशन यानी वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड कम करने का भी है।
गृहमंत्री अमित शाह कोलकाता में आम, चेरापूंजी में पिपली, गुरुग्राम और नांदेड़ में पीपल, बिहार के किशनगंज में नीम, जम्मू-कश्मीर में रुद्राक्ष सहित कई पौधे लगा चुके हैं। उनके लगाए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी कमांडिंग अफसरों को सौंपी गई है। समय-समय पर वे संबंधित अधिकारियों से इन पौधों के विकास की रिपोर्ट लेते रहते हैं। गृहमंत्री अमित शाह खुद देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेकर सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाते रहते हैं।
| बल | पौधरोपण संख्या |
| असम राइफल्स | 1,88,86,414 |
| बीएसएफ | 1,35,55,521 |
| सीआईएसएफ | 44,37,218 |
| सीआरपीएफ | 1,51,92,314 |
| आईटीबीपी | 48,30,714 |
| एनएसजी | 24,37,650 |
| एसएसबी | 69,99,431 |
(ये आंकड़े 2025 तक के हैं)
Updated on:
09 Mar 2026 04:33 pm
Published on:
09 Mar 2026 04:33 pm
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