
Rahul And Kumarswamy
बेंगलूरु। कर्नाटक में एक बार फिर से कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन रंग लाया और मंगलवार को आए उपचुनाव के नतीजे गठबंधन के ही पक्ष में रहे। 3 लोकसभा और 2 विधानसभा सीटों के नतीजों में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने चार सीटें जीती हैं। लोकसभा की तीन में से दो और विधानसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन काफी उत्साहित है। इसी उत्साह के साथ ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भी अब विपक्ष को एकजुट हो जाना चाहिए और इस महागठबंधन की अगुवाई कांग्रेस पार्टी को करनी चाहिए। कुमारस्वामी ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस विपक्ष की अग्रणी पार्टी होगी और सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रीय पार्टियों को अगले आम चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने के लिए एक साथ आना चाहिए।
महागठबंधन की अगुवाई करे कांग्रेस पार्टी- एचडी कुमारस्वामी
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि ये सही है कि 2019 के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है और बड़े चुनाव में वो सबसे ज्यादा सीटें भी जीतने वाली पार्टी है, इसी वजह से महागठबंधन की अगुवाई तो कांग्रेस को ही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच में से चार लोकसभा व विधानसभा सीट में जेडी (एस)-कांग्रेस गठबंधन की जीत राज्य के लोगों के लिए एक संदेश है, ये नतीजे कहीं ना कहीं 2019 के चुनाव को भी प्रभावित करेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि अगला आम चुनाव कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टी समेत विपक्षियों के लिए 'एक सफल नतीजा' साबित होगा। इसके साथ ही अपनी बात आगे बढ़ाते हुए वो बोले कि लोग महागठबंधन को दुआएं देंगे। लोग देश की वर्तमान व्यवस्था से उब चुके हैं, वे विकल्प चाहते हैं।"
2019 से पहले सभी विपक्षी दल आ जाएंगे एकसाथ
आपको बता दें कि 2019 के चुनाव को लेकर भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्ष काफी समय से एकजुट होने में लगा है, लेकिन सीटों के बंटवारे और आपसी मतभेदों की वजह से तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। हाल ही में महागठबंधन की उम्मीदों को बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक बड़ा झटका दे दिया था। बीएसपी ने एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावों में अकेले ही लड़ने का ऐलान किया था। बीएसपी ने कांग्रेस से गठबंधन खत्म कर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। मायावती और ममता बनर्जी को लेकर एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि चुनाव से पहले अगर बात नहीं बनी तो सभी चुनाव बाद एकसाथ आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर आप मेरा विचार पूछेंगे तो, राहुलजी वास्तव में बहुत भले (इन्नोसेंट) और दोस्ताना व्यवहार के हैं। मेरा अनुभव कहता है कि एक बार जब वह प्रतिबद्धता जता देते हैं, तो वह काम करने के प्रति प्रतिबद्ध हो जाते हैं।'
Published on:
06 Nov 2018 09:16 pm
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