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हैदराबाद रेप केस: देश भर के सांसदों ने एक सुर में की सख्‍त सजा की मांग, सदन में रो पड़ीं विजिला सत्‍सानंत

हैदराबाद रेप केस को लेकर देश भर में मचा हंगामा सांसदों ने की रेपिस्‍टों के खिलाफ आवाज बुलंद फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई अनिवार्य करने पर जोर

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नई दिल्‍ली। हैदराबाद में गैंगरेप के बाद डॉक्टर की हत्या की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोरकर रख दिया है। सोमवार को यह मुद्दा संसद के दोनों सदनों में सांसदों ने जोरदार तरीके से उठाया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा में सभापति वैंकैया नायडू ने भी देश में घट रहीं ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई है।

दोनों सदन में सदस्‍यों ने रेप से संबंधित मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई अनिवार्य करने की मांग की। इन मामलों के अपराधियों के बंध्याकरण की भी मांग उठी है।

गुलाम नबी आजाद: इन मामलों में पक्षपात से ऊपर उठकरहो कार्रवाई

राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि जब भी कोई दोषी पाया जाए तो पक्षपात से ऊपर उठकर सख्त से सख्त कार्रवाई और सजा देनी चाहिए।

संजय सिंह: तय समय में मिले सजा

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा दी गई, लेकिन अभी तक उन्हें फांसी नहीं हो पाई है। मेरा सरकार से अपील है कि कुछ सख्त कदम उठाएं। एक निश्चित समय सीमा में सजा दिलाने का प्रावधान कीजिए।

विजिला सत्‍सानंत: सदन में रो पड़ीं

AIADMK सांसद विजिला सत्यानंत हैदराबाद में युवती से दरिंदगी की घटना पर भावुक हो गईं। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर 31 दिसंबर से पहले चारों दोषियों को फांसी दे देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए भारत सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने भी अपराधियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग की।

आरके सिन्‍हा: तत्‍काल मिले फांसी की सजा

बिहार से बीजेपी सांसद आरके सिन्‍हा ने कहा कि ऐसे अपराधियों को तत्काल फांसी का प्रावधान होना चाहिए।

मोहम्‍मद अली: सरकार रेप की घटनाओं को गंभीरता से ले

आंध्र प्रदेश से कांग्रेस सांसद मोहम्मद अली खान ने कहा कि कई साल पहले दिल्ली में भी एक ऐसी घटना हुई थी। इस बार भी महिला को बचाने के लिए पुलिस वक्त पर नहीं पहुंच सकी। घरवाले जब पुलिस के पास पहुंचे, तो वह अनदेखी करती है। राज्य सरकारों से अपील है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें। ऐसा न हो जाए कि मुजरिमों को सालों तक सजा न मिले।

अमी याज्ञिक: समाज सुधार पर तेजी से हो काम

मैं, संपूर्ण व्‍यवस्‍था चाहे वह न्यायिक हो, प्रशासनिक हो या कोई और सबसे आग्रह करती हूं कि सभी सिस्टम एक साथ आएं और समाज सुधार के लिए मिलकर काम करें। यह इमर्जेंसी के आधार पर होना।

केपी विल्‍सन: बेटियों को बचाया जाए

डीएमके के पी विल्सन ने कहा कि समय आ गया है कि देश की बेटियों को बचाया जाए।

अनुप्रिया पटेल: प्रभावी कार्रवाई पर जोर

लोकसभा सांसद अनुप्रिया पटेल ने भी केंद्र सरकार से इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में प्रभाव कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।