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Assembly Election 2023 : विधानसभा चुनाव में लागू हुआ शिमला समझौता तो राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से होगा सीधा मुकाबला

Assembly Election 2023 : विपक्षी दलों की बैठक संपन्न हो चुकी है। इसके साथ ही वन टू वन की रणनीति की मौखिक सहमति भी। अब 12 जुलाई को शिमला में होने जा रही बैठक में यह तय हो जाएगा कि किस राज्य में कौन सा दल भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करेगा।

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Rajasthan, Madhya Pradesh and Chhattisgarh Assembly Election

विपक्षी दलों की हुई बैठक


Assembly Election 2023 :
विपक्षी दलों की बैठक संपन्न हो चुकी है। इसके साथ ही वन टू वन की रणनीति की मौखिक सहमति भी। अब 12 जुलाई को शिमला में होने जा रही बैठक में यह तय हो जाएगा कि किस राज्य में कौन सा दल भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करेगा। इस मामले को लेकर मोटा मोटा यह तय हुआ है कि जो दल जहां दूसरे नंबर पर है। वही भाजपा का मुकाबला उस प्रदेश में करेगा।

यह नियम अगर लागू होता है तो 2023 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीधा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही लोकसभा में यहां 91 सीटों का फायदा मिलेगा। अब देखना यह है कि प्रस्तावित शिमला समझौता सिर्फ लोकसभा के लिए होगा या फिर विधानसभा के लिए भी लागू किया जाता है। इस समय लोकसभा के लिहाज से देखें तो कांग्रेस देश भर में 200 लोकसभा सीटों पर काफी मजबूत स्थिति में है।


एक असमंजस यह भी है
लोकसभा में अगर यह समझौता लागू होता है तो फिर कांग्रेस को 227 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। यह वो सीटें है। जहां कांग्रेस ने या तो जीत दर्ज की थी या फिर दूसरे नंबर पर थी। इसके अलावा 34 ऐसी सीटें हैं जहां कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों के मुकाबले दूसरे नंबर पर थी। पश्चिम बंगाल उसमें से एक है। ऐसे में ममता बनर्जी यहां कुछ सीटें कांग्रेस को दे सकती हैं।

कांग्रेस इन प्रदेश में हो जाएगी साफ

उत्तर प्रदेश:
यहां सिर्फ रायबरेली सीट 2019 में जीती थी। बाकी चार सीटों पर दूसरे नंबर पर थी। उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट हैं। इस नियम के मुताबिक कांग्रेस को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है।

बिहारः अभी कांग्रेस महागठंबंधन में है। नौ सीटों पर लड़ी थी। सिर्फ एक पर जीत और दो सीटों पर दूसरा नंबर हासिल कर पाई। यहां भी कांग्रेस तीन सीट पर सिमट जाएगी। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं।

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में 2019 में चुनाव कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में 42 लोकसभा सीट वाले इस प्रदेश में 40 सीटे ममता बनर्जी के खाते में जाएंगी।

जम्मू-कश्मीर: असली पेंच यहां फंसेगा। यहां घाटी में फारूख अब्दुल्ला की पार्टी जेकेएनसी ने तीन सीटों पर चुनाव जीता है और जम्मू में भाजपा का कब्जा है। ऐसे में क्या घाटी में जेकेएनसी पीडीपी को सीट देगी या फिर जम्मू में ही सिर्फ मुकाबला करेंगी। दो क्षेत्रीय पार्टियों के बीच किस तरह से बंटवारा होगा। कांग्रेस यहां शून्य है।

कांग्रेस कितना देगी कुर्बानी
कांग्रेस सियासत में कितना कुर्बानी देगी यह देखना दिलचस्प होगा। कर्नाटक चुनाव के बाद कांग्रेस ने 350 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया था। 2019 में 421 सीटों पर चुनाव लड़ा था। ऐसे में इस फार्मूले के तहत कांग्रेस कितना कुर्बानी देगी यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन अगर यह लागू हुआ तो कांग्रेस 250 से कम सीटों पर चुनाव लड़ पाएगी। कांग्रेस ने अब तक सबसे कम 400 सीटों पर चुनाव 2004 में लड़ा है। यह अलग बात है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमरीका में इस बात संकेत दे चुके हैं कि जीत के लिए कुछ लेनदेन करना होगा।