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आईआईटी-मद्रास जंजीबार-तंजानिया में भी स्थापित करेगा कैम्पस

- विदेश में परिसर खोलने वाली पहली आईटीआई - तंजानिया सरकार के साथ करार पर हस्ताक्षर

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आईआईटी-मद्रास जंजीबार-तंजानिया में भी स्थापित करेगा कैम्पस

आईआईटी-मद्रास जंजीबार-तंजानिया में भी स्थापित करेगा कैम्पस

नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास का जंजीबार-तंजानिया में भी परिसर स्थापित किया जाएगा। यह भारत के बाहर स्थापित होने वाला पहला आईआईटी परिसर है। इसके लिए गुरुवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और जंज़ीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्वीनी की उपस्थिति में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, आईआईटी-मद्रास और जंजीबार-तंजानिया के शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रालय के बीच करार हुआ है। इस परिसर में आगामी अक्टूबर में शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है।

तंजानिया में भारत के उच्चायुक्त बिनय श्रीकांत प्रधान, आईआईटी मद्रास के डीन (ग्लोबल एंगेजमेंट) प्रो. रघुनाथन रंगास्वामी और जंजीबार के शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रालय के कार्यवाहक प्रधान सचिव खालिद मसूद वजीर ने हस्ताक्षर किए।

करार के मुताबिक शैक्षणिक कार्यक्रम, पाठ्यक्रम, विद्यार्थी चयन पहलू और शैक्षणिक विवरण का काम आईआईटी मद्रास करेगी, जबकि पूंजी और परिचालन व्यय जंजीबार-तंजानिया सरकार वहन करेगी। परिसर में दाखिला लेने वाले छात्रों को आईआईटी मद्रास की डिग्री प्रदान की जाएगी। अत्याधुनिक अंतःविषयी डिग्री कार्यक्रम में तंजानिया और अन्य देशों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। भारतीय विद्यार्थी भी इन कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि आईआईटी मद्रास-जंजीबार परिसर की स्थापना का करार उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ज्ञान को द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख घटक बनाने के साथ-साथ वैश्विक हित को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इसमें देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को अन्य देशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने का उल्लेख किया गया है।