25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Flash Back : जब बेटी के बदले सईद ने छोड़े थे पांच आतंकवादी

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन गुरुवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया

2 min read
Google source verification

image

Amanpreet Kaur

Jan 07, 2016

Mufti Mohammad Sayeed

Mufti Mohammad Sayeed

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन गुरुवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया। सईद देश के पहले मुस्लिम गृह मंत्री थे। कश्मीर की राजनीति में उनके पास दशकों का तजुर्बा था और 1 मार्च 2015 को ही उन्होंने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी।

दामन में लगा दाग

पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के समय में सईद देश के पहले मुस्लिम गृह मंत्री बने थे। उनकी छवी उस समय दागदार हुई जब अपनी बेटी रबैया का आतंकियों से रिहा करवाने के लिए उन्होंने मिलिटेंट ग्रुप की शर्त मानते हुए पांच आतंकियों को रिहा किया था। इस घटना का जम्मू कश्मीर की राजनीति पर गहरा असर हुआ था। गौरतलब है कि 2 दिसंबर 1986 को नेशनल फ्रंट (एनएफ) सरकार के सत्ता में आने के महज पांच दिन बाद ही उस समय गृह मंत्री रहे सईद की बेटी रुबैया का अपहरण कर लिया गया था।

कांग्रेस से अपनी पार्टी तक का सफर

सईद ने अपने पॉलीटिकल करियर में कई पार्टियां बदलीं। वर्ष 1987 तक वे इंडियन नेशनल कांग्रेस का हिस्सा थे। वर्ष 1987 में उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ वीपी सिंह की जन मोर्चा का हाथ थाम लिया था। इसके चलते वे देश के गृह मंत्री भी बने। इसके बाद पीवी नरसिम्हा राउ के समय सईद ने कांग्रेस में वापसी की, लेकिन वर्ष 1999 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ कश्मीर मसले के समाधान के लिए कश्मीरियों से बिना शर्त वार्ता शुरू करने के मकसद से अपनी बेटी महबूबा मुफ्ती के साथ जम्मू कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया।

पहला कार्यकाल

अपने प्रतिद्वंद्वी फारुख अब्दुल्ला की ही तरह मुफ्ती मोहम्मद सईद भी अच्छे गोल्फर थे। अपनी पार्टी बनाने के महज तीन साल बाद ही सईद को सफलता हाथ लगी और वे पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। उनकी पार्टी को 18 सीटों पर जीत हासिल हुई और उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर में सरकार बनाई। उनका कार्यकाल 2 नवंबर 2002 से 2 नवंबर 2005 तक का रहा। इसके बाद वर्ष 2008 के चुनाव में उनकी पार्टी को हार का मूंह देखना पड़ा और सत्ता आई युवा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हाथ में।

महबूबा मुफ्ती होंगी मुख्यमंत्री

12 जनवरी 1936 को अनंतांग जिले के बिजबेहारा में जन्मे सईद ने श्रीनगर के एसपी कॉलेज से लॉ में डिग्री और फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अरब हिस्ट्री में डिग्री हासिल की। उनके निधन के बाद अब उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री बनेंगीं।

ये भी पढ़ें

image