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प्रशांत किशोर को राज्यसभा सांसद बना सकते हैं नीतीश कुमार !

मौजूदा उम्मीदवारों के अलावा, पार्टी प्रशांत किशोर को भी राज्यसभा भेजना चाहती है।

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Vikas Gupta

Dec 25, 2015

Prashant Kishore

Prashant Kishore

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने के लिए अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर को जल्द ही नीतीश की तरफ से तौहफा मिल सकता है। जुलाई 2016 में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों पर जेडीयू के किस सदस्य को मनोनीत किया जाए, इसे लेकर सीएम काफी उलझन में हैं। राज्यसभा में जेडीयू के पास फिलहाल 5 सीटें हैं, लेकिन 2016 में यह घटकर 2 हो जाएंगी। पार्टी के पास इन सीटों के लिए दावेदार ज्यादा हैं, लेकिन समर्थन कम है। खबर है कि मौजूदा उम्मीदवारों के अलावा, पार्टी प्रशांत किशोर को भी राज्यसभा भेजना चाहती है।

2016 में पार्टी के जो 5 सदस्य राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं, उनमें शरद यादव, केसी त्यागी, आरसीपी सिंह, पवन शर्मा और गुलाम रसूल बलयावी शामिल हैं। अगर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन मिलता है, तब ही ये 2 सीटें भी उसे जेडीयू को मिल सकेंगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि 2 सीटों के लिए 5 उम्मीदवारों के अलावा इस बात की भी चर्चा है कि जेडीयू प्रशांत किशोर को भी राज्यसभा भेज सकती है। किशोर विधानसभा चुनाव में नीतीश के प्रमुख सलाहकार और चुनावी रणनीतिकार थे।

शरद यादव जहां जेडीयू के अध्यक्ष हैं, वहीं आरसीपी सिंह पूर्व नौकरशाह हैं और नीतीश के करीबी माने जाते हैं। उधर, त्यागी और वर्मा के भी दिल्ली में पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जाता है। पार्टी के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा कि जेडीयू की ताकत राज्यसभा में 12 से घटकर 9 पर आ जाएगी, लेकिन यह जुलाई के बाद होगा। वहीं आरजेडी की सीटें बढ़कर 3 हो जाएंगी। पार्टी के पास अभी राज्यसभा में केवल 1 सीट ही है।

एक सूत्र ने बताया कि एक उम्मीदवार को राज्यसभा की सीट जीतने के लिए कम-से-कम 41 मतों की जरूरत पड़ती है। आरजेडी के पास 80 सीटें हैं, इसीलिए इसे बाकी किसी दल के 2 विधायकों का समर्थन हासिल करने में मुश्किल नहीं होगी। वहीं जेडीयू के पास 11 मतों की कमी है। ऐसे में कांग्रेस का समर्थन अहम होगा।

जेडीयू को उम्मीद है कि कांग्रेस किसी सीट के लिए सौदा नहीं करेगी, क्योंकि इसके पास केवल 27 विधायक हैं और उसे एक सीट जीतने के लिए 14 और मतों की जरूरत पड़ेगी। एक वरिष्ठ आरजेडी सदस्य ने कहा कि अगर आरजेडी और कांग्रेस समझौता कर लेते हैं तो जेडीयू को केवल एक सीट से ही संतोष करना पड़ेगा। आरजेडी नेता ने कहा कि अगर आरजेडी एक कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देती है तो कांग्रेस को एक सीट मिल सकता है।

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