
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जहां एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद बिहार के सियासी गलियारों में फिर से हलचल मच गई। अब इसको लेकर पहली बाद जीतनराम मांझी ने मीडिया से कुछ कहा है।
मांझी ने कहा कि महागठबंधन सरकार में जनता की आशा पर कुठाराघात हो रहा था, इस कारण यह निर्णय लिया गया। पटना में बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए मांझी ने कहा कि राज्य में बालू (रेत) नीति और शराब नीति से वित्तीय स्थिति चौपट हो गयी। इससे गरीब ज्यादा प्रभावित हुए हैं। विधानसभा में और सार्वजनिक रूप से भी यह मामला उठाया लेकिन इसपर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि हमने पांच एकड़ तक भूमि वाले किसानों को मुफ्त बिजली देने को लेकर बात की। एससी, एसटी के कल्याण को लेकर भी योजनाएं लाई गई थी, जिससे बिहार का भविष्य बदल जाता, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जनता की आवाज पर निर्णय लिया गया है।
उन्होंने आगे की योजना के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि हमारी पार्टी में जनतंत्र है, 18 जून को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, उसमें जो निर्णय लिया जाएगा, वह किया जाएगा। मांझी ने जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के एक बयान पर कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें नीतीश कुमार, ललन सिंह या तेजस्वी यादव से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जनहित के मुद्दे पर समझौता नहीं होगा।
Published on:
14 Jun 2023 06:04 pm

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