
फैसले की घड़ी: क्या यह चुनाव 2 विपरीत विचारधाराओं की लड़ाई है?
नई दिल्ली। इस बार लोकसभा का चुनाव महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती वर्ष में हो रहा है। यह वक्त हमें याद दिला रहा है कि यह चुनाव दो विपरीत विचारधाराओं के बीच का चुनाव भी है। इसलिए हम भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को हराने और देश को विकास की पटरी पर लाने के लिए कांग्रेस को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह बात कांग्रेस के 2019 चुनावी घोषणा पत्र में कही गई है। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जारी किए गए जन आवाज घोषणा पत्र में इसके अलावा भी विचारधाराओं और राष्ट्र को लेकर कई बातें लिखी गई हैं।
1. गांधी बनाम गोडसे
जन आवाज नाम से जारी कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में कहा गया है कि एक तरफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने देश में एक मजबूत, समृद्ध और सौहार्दपूर्ण आधुनिक भारत का निर्माण करते हुए हर भारतवासी की आंख से आंसू पोंछने का सफल प्रयास किया है। दूसरी तरफ गोडसे की विचारधारा है जो भारत के उस विचार को नष्ट करने की कोशिश कर रही है जिसको प्रतिस्थापित करने के लिए महात्मा गांधी ने अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया था।
2. मोदी मॉडल ने अर्थव्यवस्था को किया तबाह
घोषणा पत्र में कहा गया है कि पिछले पांच वर्ष में भाजपा सरकार के मोदी मॉडल के तहत देश को भारी सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मोदी मॉडल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। किसानों को बर्बाद करने का काम किया है। छोटे और मध्यम व्यवसायों को नष्ट कर दिया है। यही वजह है कि देश में बेरोजगारी अपने चरम पर है।
3. लोगों से मोदी मॉडल को नकारने की अपील
कांग्रेस जन आवाज के जरिए बताया है कि इस मॉडल ने समाज में वैमनस्यता, नफरत और भय का माहौल पैदा करने का काम किया है। यह एक ऐसा मॉडल है जिसने अधिकांश भारतीयों से उनकी गरिमा, विश्वास और आवाज छीन ली है। यह एक ऐसा मॉडल है जिसकी भारत को जरूरत नहीं है। इसलिए देशवासियों को चाहिए कि वो मोदी मॉडल को अस्वीकार कर दें।
4. कांग्रेस ने हमेशा गणतंत्र को मजबूत किया
मंगलवार को जारी घोषणा पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस का मॉडल भाजपा के मॉडल से बिल्कुल अलग है। कांग्रेस ने हमेशा से सुधारात्मक विकास, समावेशी वृद्धि और उत्तरदायी शासन पर जोर दिया है। कांग्रेस के इस मॉडल ने भारतीय गणतंत्र को मजबूत करने का काम किया।
5. इस बार हमारे पास ये हैं विकल्प
लोकसभा चुनाव 2019 हमारे बच्चों के भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। आज हमारे सामने विकल्प बिल्कुल स्पष्ट हैं। बस, हमें तय करना है उनमें से किसे चुनने चाहिए। हमारे पास जो विकल्प हैं उनमें स्वतंत्रता या भय, सद्भाव या घृणा, समावेश या बहिष्करण, भाईचारा या भेदभाव, गरिमा या उत्पीड़न, सबका विकास या चंद लोगों का विकास, परिणाम या जुमला और न्याय या अन्याय है।
Updated on:
02 Apr 2019 06:07 pm
Published on:
02 Apr 2019 02:39 pm
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