राजनीति

कपिल सिब्बल के बयान पर बवाल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का घर के बाहर प्रदर्शन-तोड़ दी गाड़ी

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के 'जी हुजूर-23 नहीं' वाले बयान के बाद दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया और उनकी कार तोड़ दी। कार्यकर्ताओं ने कपिल सिब्बल से 'जल्द ठीक हो जाओ' और 'पार्टी छोड़ो' के नारे लगाए।

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Kapil Sibal comment reaction, Delhi Congress workers smashed his car and protest outside house

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल द्वारा पंजाब के सियासी संकट के बीच पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने के कुछ ही घंटों बाद, बुधवार शाम दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजधानी में उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने सिब्बल की कार को भी तोड़ दिया और 'सिब्बल पार्टी छोड़ो! अपने होश में आओ', 'राहुल गांधी जिंदाबाद', जैसे नारे लगाए। इतना ही नहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'गेट वेल सून कपिल सिब्बल' जैसे नारे लिखी तख्तियां भी दिखाईं।

इससे पहले मंगलवार दिन में, कपिल सिब्बल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे क्योंकि वे "जी -23 हैं, निश्चित रूप से जी हुजूर-23 नहीं"। G-23 असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं का समूह है, जिन्होंने पिछले अगस्त में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था, जिसमें संगठन के भीतर व्यापक बदलाव का आह्वान किया गया था।

सिब्बल ने आगे कहा कि कांग्रेस का कोई अध्यक्ष नहीं है। इसके अलावा उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, सुष्मिता देव और लुइज़िन्हो फलेरियो का उल्लेख करते हुए हाल ही में पार्टी छोड़ने वालों से हुए नुकसान की भी बात कही।

सिबल का यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है जब नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे राज्य के राजनीतिक हलकों में सदमे की लहर दौड़ गई।

सिब्बल ने कहा. “मैं यहां भारी मन से खड़ा हूं। हमारे लोग हमें छोड़ रहे हैं। सुष्मिता, फलेरियो... जितिन मंत्री बने.. सिंधिया भी बहुत पहले चले गए... हर जगह लोग हमें छोड़ रहे हैं। हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है। हम जानते हैं, फिर भी हम नहीं जानते।" उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस को कमजोर होते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा, "हमारे वरिष्ठ सहयोगियों में से एक को तुरंत सीडब्ल्यूसी (बैठक) बुलाने के लिए लिखना है।"

सिब्बल जी-23 के सबसे आक्रामक चेहरों में से एक हैं। उन्होंने अगस्त में 'मिशन 2024' के लिए विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए प्रमुख विपक्षी नेताओं के लिए रात्रिभोज की मेजबानी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी भी विपक्षी एकता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे थे।

Updated on:
29 Sept 2021 09:59 pm
Published on:
29 Sept 2021 09:56 pm
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