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हार्दिक पटेल की मदद को आगे आए कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल

हाल ही में कांग्रेस संग आ गए थे हार्दिक के पिता भरत पटेल, सूरत पुलिस को थप्पड़ मारने के आरोप में जेल में बंद हैं हार्दिक पटेल 

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Puneet Parashar

Nov 05, 2015

kapil sibal

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अहमदाबाद। गुजरात में कांग्रेस पटेलों को ओबीसी में शामिल करने की मांग का समर्थन नहीं कर रही लेकिन उन्हें कानूनी मदद देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। गुजरात हाई कोर्ट ने सूरत पुलिस को थप्पड़ मारने के आरोप में हार्दिक पटेल पर चल रहे देशद्रोह का मामला खत्म करने से इनकार कर दिया था। इस मामले में कपिल सिब्बल ने हार्दिक पर रहमदिली दिखाते हुए अपनी वकालत की पेशकश की है। गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात कांग्रेस लीगल सेल के चीफ बीएम मंगुकिया भी हार्दिक की मदद का ऑफर रख चुके हैं।

हार्दिक के वकील बीएम मंगुकिया ने कहा कि सिब्बल हार्दिक का केस बिना कोई शुल्क के लड़ेंगे। मंगुकिया कांग्रेस के टिकट पर 2007 और 2012 में गरिधर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि दोनों पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। मंगुकिया ने हार्दिक पटेल समेत पास के सभी 11 नेताओं की गुजरात में कानूनी लड़ाई लड़ी है। आपको बता दें कि कुछ रोज पहले लम्बे वक्त से भाजपा के संग रहे हार्दिक पटेल के पिता भरत पटेल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

सत्ताधारी बीजेपी पाटीदार आंदोलन के कारण गुजरात में खुद को बैकफुट पर पा रही है। बीजेपी ने इसीलिए लोकल बॉडी के चुनाव को टालने का फैसला किया था। 22 सिंतबर की आधी रात वकील मंगुकिया ने हाई कोर्ट के जज के घर जाकर हार्दिक के लिए बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।

भाजपा के लिए पाटीदार आंदोलन एक बड़ी समस्या बन गया है। हालांकि आनंदीबेन सरकार पाटीदारों के गुस्से को शांत करने के लिए जी जान से लगी हुई हैं। पटेल बीजेपी के अब तक बेहद भरोसेमंद वोटर्स रहे हैं। कांग्रेस ताक में है कि इस आंदोलन के बहाने पटेलों के समर्थन को वह हासिल कर ले।

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