
नई दिल्ली। बीएस येदियुरप्पा को 29 जुलाई यानी सोमवार की सुबह कर्नाटक विधान सौध में अपनी सरकार का बहुमत साबित करना है। 17 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद उनके लिए बहुमत आसान तो हो गया है, लेकिन BJP कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। यही वजह है कि रविवार की शाम बेंगलुरु के होटल चांसरी पवेलियन में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। जिसमेंं विश्वास मत को लेकर रणनीति बनाई गई।
रात होटल में ही रहेंगे विधायक
बीजेपी के सभी विधायक आज रात उसी होटल में ठहरेंगे जहां विधायक दल की बैठक हुई है। माना जा रहा है कि अब बीजेपी को अपने विधायकों के बगावत करने की आशंका है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पार्टी ने सभी विधायकों रात होटल में ही रुकने को कहा है।
सोमवार की सुबह सभी बीजेपी विधायक बस में बैठकर सीधे विधानसभा जाएंगे। जहां येदियुरप्पा अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे।
विश्वास मत को लेकर बनी रणनीति
सीएम बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि आज बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। हमने विधानसभा में सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर विस्तार से चर्चा की।
कर्नाटक विधानसभा में मैं कल एक विश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा हूं, बाद में मैं वित्त विधेयक पेश करूंगा। मुझे लगता है कि कांग्रेस और जद (एस) दोनों इसका समर्थन करेंगे।
- विधायकों ने अपने नेता और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष BS Yeddyurappa का बुके देकर स्वागत किया है।
- विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए होटल पहुंचे सीएम येदियुरप्पा
क्या है कर्नाटक का गणित
कर्नाटक में कुल 225 विधानसभा सीटें हैं। लेकिन 2018 का विधानसभा चुनाव 224 सीटों पर हुआ। स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों के अयोग्य करार दिए जाने के बाद सदन में सीटों की संख्या 207 हो जाती है।
बहुमत का नया आंकड़ा
कर्नाटक विधानसभा में अब विधायकों को संख्या 207 है। एक आरक्षित सीट मिलाकर बहुमत का आंकड़ा 105 विधायकों का रह गया। बात अगर बीजेपी की सीटों की करें तो उनके पास 105 विधायक हैं।
ऐसे में विधानसभा में फ्लोट टेस्ट होने या न होने बीजेपी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेना वाला है। सोमवार को होने वाला फ्लोर टेस्ट पास करना पार्टी के मुश्किल नहीं है।
Updated on:
29 Jul 2019 09:53 am
Published on:
28 Jul 2019 07:11 pm
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