कर्नाटक: येदियुरप्पा के नाम अनोखा रिकॉर्ड, CM पद का एक भी कार्यकाल नहीं कर पाए पूरा

कर्नाटक: येदियुरप्पा के नाम अनोखा रिकॉर्ड, CM पद का एक भी कार्यकाल नहीं कर पाए पूरा

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Jul, 23 2019 10:43:40 PM (IST) | Updated: Jul, 26 2019 08:22:13 PM (IST) राजनीति

  • BS Yeddyurappa चौथी बार बने सीएम
  • पहली बार 7 दिन और तीसरी बार ढाई दिन के थे सीएम
  • येदियुरप्पा ने ही कर्नाटक पहली बार खिलाया था कमल

नई दिल्ली। कर्नाटक की सत्ता पर एकबार फिर बीएस येदियुरप्पा काबिज हो गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें इसके लिए बधाई भी दी है। बुकंकरे सिद्दालिंगप्पा येदियुरप्पा को कर्नाटक में पॉलिटिक्स के जोड़-तोड़ का महारथी माना जाता है।

येदियुरप्पा के नाम तीन बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। जाने अनजाने में येदियुरप्पा के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी बना हुआ है, जो संभवत कोई भी मुख्यमंत्री या मंत्री तोड़ नहीं पाया है।

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तीसरी बार सीएम बने लेकिन सिर्फ ढाई दिन
19 मई, 2018 की दोपहर येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर उनकी सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में इस्तीफे की घोषणा की थी।

येदियुरप्पा ने 17 मई 2018 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 19 मई 2018 को पद से इस्तीफा दे दिया। कुल 55 घंटे तक वह सीएम रहे।

इसके साथ ही उन्होंने अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़ते हुए सिर्फ ढाई दिन के ही मुख्यमंत्री बने। जो सबसे कम है। कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में अबतक ऐसा नहीं हुआ था।

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दूसरी बार 38 महीने के लिए बने सीएम

30 मई 2008 को येदियुरप्पा दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। इसी बीच येदियुरप्पा और उनके परिवार पर भूमि घोटालों के अनेक आरोप लगे। लोकायुक्त ने भी येदियुरप्पा के खिलाफ अवैध खनन घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी।

सीएम पर विवाद होते देख बीजेपी आलाकमान हरकत में आ गई। पार्टी के दबाव में आकर येदियुरप्पा को 31 जुलाई 2011 में इस्तीफा देना पड़ा। इस तरह वे 1157 दिन तक कर्नाटक के सीएम रहे।

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पहली बार जुगाड़ से सीएम बने लेकिन 7 दिन के लिए

12 नवंबर 2007 को येदियुरप्पा पहली बार कर्नाटक की सत्ता पर काबिज हुए लेकिन महज सात दिनों के लिए। दरअसल 2007 में राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बाद येदियुरप्पा और एचडी कुमारस्वामी ने मिलकर सरकार बनाई थी। दोनों नेताओं ने 20-20 महीने तक सीएम बने रहने के वादे पर हाथ मिलाया।

येदियुरप्पा ने वचन निभाते हुए फरवरी, 2006 में जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनवा दिया था। वहीं अक्टूबर, 2007 में जब येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने का वक्त आया तो कुमारस्वामी ने पलटी मार ली। कर्नाटक में राजनीतिक संकट आते ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

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राष्ट्रपति शासन खत्म होते कुमारस्वामी हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने येदियुरप्पा को समर्थन दे दिया। 12 नवंबर 2007 येदियुरप्पा पहली बार गठबंधन के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। हालांकि कुछ दिन बाद कैबिनेट में बंटवारे को लेकर स्वामी और येदियुरप्पा में फिर विवाद हो गया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए 10 दिन भी नहीं हुए थे कि 19 नवंबर, 2007 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस तरह पहली बार येदियुरप्पा महज सात दिन के लिए मुख्यमंत्री बन पाए।

बीएस येदियुरप्पा आजतक अपना कोई भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं। तीन बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे सिर्फ 1167 दिन तक ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह पाए हैं।

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