23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘बीजेपी भारी बहुमत से कर्नाटक में होगी रिपीट’ – सीएम बसवराज बोम्मई

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख का आज ऐलान हो गया है। 10 मई को मतदान और 13 मई को नतीजे सामने आएंगे। तारीख का ऐलान होने के बाद कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई काफी आत्मविश्वास से भरे नज़र आएं। साथ ही उन्होंने चुनावी नतीजे के बारे में एक बड़ी बात भी कही।

2 min read
Google source verification
pm_modi_and_cm_bommai.jpg

PM Narendra Modi with CM Basavaraj Bommai

कर्नाटक (Karnataka) में होने वाले 2023 विधानसभा चुनाव (2023 Assembly Election) की तारीख की आज घोषणा कर दी गई है। भारत के चुनाव आयोग ने कर्नाटक में वोट डालने के लिए 10 मई और परिणाम के लिए 13 मई का दिन तय किया है। चुनाव में अभी एक महीने से ज़्यादा का समय बाकी है। पर सभी राजनीतिक पार्टियों ने इसके लिए अभी से कमर कस ली हैं। चुनाव आयोग के कर्नाटक में चुनावी तारीख की घोषणा करने के बाद राज्य के सीएम बसवराज बोम्मई (CM Basavaraj Bommai) ने इस बारे में बात करते हुए चुनाव में बीजेपी (BJP) की स्थिति पर आत्मविश्वास दिखाया।

बीजेपी भारी बहुमत से कर्नाटक में होगी रिपीट

कर्नाटक सीएम ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कहा, "कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 10 मई को वोट डाले जाएंगे और 13 मई को परिणाम सामने आएंगे। बीजेपी हमेशा तैयार रहने वाली पार्टी है और हम चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बीजेपी भारी बहुमत से राज्य में रिपीट होगी और सत्ता में वापसी करेगी।"


यह भी पढ़ें- कर्नाटक चुनाव की घोषणा से पहले राज्य काँग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार का रैली में बस से 500 रुपये के नोट बरसाना बन सकता है चुनावी मुद्दा

विकास कार्यों से लोगों तक बनाई पहुँच


कर्नाटक सीएम बोम्मई ने आगे कहा, "हमने अपने विकास कार्यों से लोगों तक पहुँच बनाई है। बीजेपी का कोई नेता काँग्रेस में शामिल नहीं होगा। कर्नाटक काँग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी के विधायकों के सामने बीजेपी में शामिल होने की विनती कर रहे हैं।"


2018 कर्नाटक चुनाव का क्या रहा था परिणाम?

आपको बता दें कि कर्नाटक में साल 2018 के विधानसभा चुनाव में 224 सीटों में से बीजेपी ने 104 सीटें जीती थी। वहीं काँग्रेस 80 सीटें जीत पाने में सफल रही थी। वहीं जनता दल सेकुलर ने 37 सीटें हासिल की थी। बाकी 3 सीटें अन्य पार्टियों को मिली थी।