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करुणानिधि की अंतिम यात्रा शुरू, थोड़ी देर में मरीना बीच पर होगा अंतिम संस्कार

करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के लिए चेन्नई में राजनेताओं का तांता लगा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

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करुणानिधि की अंतिम यात्रा शुरू, थोड़ी देर में मरीना बीच पर होगा अंतिम संस्कार

चेन्नई: थोड़ी देर में करुणानिधि का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल से निकाला गया। मरीना बीच पर उनको दफनाया जाएगा। इससे पहले उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रजाजी हॉल के बाहर अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा । इसके बाद वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ में 2 लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए हैं । मरीना बीच पर दफानाने को लेकर भी विवाद हो गया। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाया जाएगा।

करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के चेन्नई में जुटे दिग्गज

करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चेन्नई पहुंचे। इससे अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की। वहीं एनसीपी चीफ शरद पवार समेत कई राजनीतिक नेताओं ने करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी।

अंतिम संस्कार का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

करुणानिधि के अंतिम संस्‍कार के स्‍थल को लेकर एआईएडीएमके के विवाद हो गया था। मरीन बीच पर उनका अंतिम संस्‍कार कराने को लेकर डीएमके की अपील का मद्रास हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार ने विरोध किया। इस मामले में दोनों का पक्ष जानने के बाद हाईकोर्ट ने करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने का आदेश दिया। इससे साफ हो गया कि करुणानिधि का अंतिम संस्कार मरीना बीच पर होगा।

राष्ट्रध्वज झुका

करुणानिधि के निधन के चलते दिल्ली व सभी राज्यों की राजधानी और पूरे तमिलनाडु में बुधवार को राष्ट्रध्वज झुका रहेगा। कर्नाटक सरकार ने आज छुट्टी घोषित की है, जबकि 7 दिनों का राजकीय शोक मनाया जाएगा। आपको बता दें कि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि ने इसी साल तीन जून को अपना 94वां जन्मदिन मनाया था। 26 जुलाई को उन्होंने डीएमके की कमान संभालते हुए 50 वर्ष पूरे किए। दक्षिण की राजनीति का अहम चेहरा रहे करुणानिधि के नाम हर चुनाव में जीत हासिल करने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। वे 13 बार विधानसभा के सदस्य रहे और वह जिस भी सीट पर चुनाव लड़े, हमेशा जीत हासिल की।

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