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Budget 2019: सरकार आज पेश कर रही है अंतरिम बजट, जानिए यह आम बजट से कैसे है अलग?

देश का कोई भी कानून सरकार को अंतरिम बजट में बड़ा ऐलान करने से नहीं रोकती है।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 1 Feb 2019, 12:07 PM IST

piyush goel

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार एक फरवरी, 2019 को जो अपना अंतिम बजट (अंतरिम) बजट 2019-20 पेश करेगी। अभी तक यही परंपरा रही है लेकिन इस परंपरा को तोड़ते हुए सरकार पूर्ण बजट (आम बजट) पेश कर सकती है। परंपरा के मुताबिक चुनाव के बाद आने वाली सरकार ही पूर्ण बजट पेश करती है। वर्तमान सरकार को कार्यकाल का अंतिम वर्ष होने के कारण अंतरिम बजट पेश करना होता है। इस बात इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि क्‍या मोदी सरकार परंपरा को तोड़ते हुए पूर्ण बजट पेश करेगी। ऐसे में हर किसी के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि अंतरिम बजट क्या होता है और यह पूर्ण बजट से अलग कैसे होता?

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15वां अंतरिम बजट
आज केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगे। परंपरा के हिसाब से सरकार आज अंतरिम बजट पेश करेगी। यह दो हालात में पेश किया जाता है। एक या तो सरकार के पास फुल बजट पेश करने का समय नहीं हो या फिर तुरंत लोकसभा चुनाव होने वाला हो। अप्रैल और मई में इस बार चुनाव होने हैं इसलिए सरकार अंतरिम बजट पेश कर सकती है। ये बजट अंतरिम बजट इसलिए होगा क्योंकि सरकार को दो महीने बाद चुनाव में जाना है। दोनों ही हालात में सरकार नए कारोबारी साल के बचे हुए महीने के लिए खर्च की अनुमति संसद से लेती है। अभी 2018-19 का बजट जो सरकार ने पेश किया था उसके जरिए सिर्फ 31 मार्च, 2019 तक होने वाले खर्च की अनुमति ली गई थी। चूंकि चुनाव अप्रैल-मई में होना है और नई सरकार के बनने और नया बजट पेश होते-होते जुलाई आ जाएगा। ऐसे में अप्रैल से जुलाई यानी चार महीने में जो खर्च होने हैं उसकी अनुमति इस बार के अंतरिम बजट से ली जाएगी। इस लिहाज से यह बजट आजाद भारत का 15वां अंतरिम बजट होगा। जबकि पूर्ण बजट में सरकार को पूरे साल का बजटीय खाका पेश करना होता है। इसमें नीतिगत मुद्दे भी शामिल होते हैं। लेकिन इस काम को आने वाली सरकारों पर छोड़ दिया जाता है।

दो वित्त मंत्री कर चुके हैं परंपरा का उल्‍लंघन
विपक्षी दलों व कानूनी जानकार जिस परंपरा की बात कर रहे हैं उसमें दोनों ही बातें है। परंपरा रही है कि अंतरिम बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं की जाए। फिर भी समय समय पर कई वित्त मंत्रियों ने जरूरत का हवाला देकर अंतरिम बजट में भी बड़ी घोषणाएं की हैं। पिछली सरकार में जब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2014-15 अंतरिम बजट पेश किया था तो एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी। 2004-5 में अंतरिम बजट पेश करते हुए जसवंत सिंह ने डायरेक्ट टैक्स में बदलाव का ऐलान जरूर किया था लेकिन फाइनेंस बिल में बदलाव नहीं किया था। यहां एक बात जान लेना जरूरी है कि कोई कानून सरकार को अंतरिम बजट में बड़ा ऐलान करने से नहीं रोकती है।