
पश्चिम बंगाल विवाद पर बोले कुमार विश्वास, अब तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले वेद की ऋचाओं जैसे हो गए
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस विवाद पर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास लगातार व्यंगबाण छोड़ रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीजेपी और ममता अपनी अपनी जीत बता रहे हैं। इसे लेकर कुमार ने फिर तंज किया है।
वेद की ऋचाओं जैसे कोर्ट के फैसले: कुमार
कवि कुमार विश्वास ने ट्विटर पर लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट भी आजकल वेद की ऋचाओं जैसे फैसले सुनाता है, जिसकी जीत-भरी व्याख्या, हर 'गुरुकुल-कुरुकुल' अपनी-अपनी सुविधानुसार कर लेता है। इससे पहले भी कुमार इस मसले पर जमकर ट्वीट कर सुर्खियां बंटोर रहे हैं।
मौनी-अमावस्या' पर ऐतना: कुमार
इससे पहले रविवार को जब कोलकाता में सीबीआई छापेमारी को लेकर विवाद उपजा को कुमार ने उस वक्त भी एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि बाप रे ! 'मौनी-अमावस्या' पर ऐतना 'हल्ला'। यूजर्स ने विश्वास के ट्वीट को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और विपक्ष को जमकर ट्रोल भी किया था।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उनसे शारदा चिट फंड घोटाला मामले की जांच में ईमानदारी से सहयोग करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि अधिकारी को गिरफ्तार करने समेत उनके खिलाफ बलपूर्वक कोई कार्रवाई न करे। जांच एक निष्पक्ष जगह शिलांग में होगी।
ममता बनर्जी ने कहा- हमारी नैतिक जीत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक जीत है। हमने कहा है कि हम न्यायपालिका और संस्थानों का पूरा सम्मान करते हैं। यह आदेश पहले भी पारित किया गया था कि वे एक आपसी सहमति वाले स्थान पर परस्पर बात कर सकते हैं। हम इस फैसले के आभारी हैं।
बीजेपी भी बोली- हमारी नैतिक जीत
वहीं केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जांच एजेंसी की नैतिक जीत बताया और कहा कि उनसे पूछताछ राजनीति से प्रेरित नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह सीबीआई की नैतिक जीत है। कोर्ट का आदेश स्पष्ट है, कोलकाता पुलिस आयुक्त जो सीबीआई के नोटिसों के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हो रहे थे, अब उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना पड़ेगा।
Published on:
5 Feb 2019, 4:22 PM IST
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