
कर्नाटक: कुमारस्वामी की पत्नी ने लिखी थी जेडीएस की जीत की पटकथा
बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में मचा सियासी तूफान शांत हो गया है। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार बनने जा रही है। 23 मई यानी कल एचडी कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि कर्नाटक में लंबे समय से सियासी वजूद तलाश रही जेडीएस के हाथ आखिर सत्ता की चाबी लगी कैसे? दरअसल, इस पूरी पटकथा में कुमारस्वामी की पहली पत्नी अनीता कुमारस्वामी की बहुत बड़ी भूमिका रही है।
पति की जीत में अहम भूमिका
दरअसल, अनीता इस बार विधानसभा चुनाव में चन्नपटना सीट से लड़ने वाली थीं, लेकिन उनके ससुर व जेडीएस अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा और पति कुमारस्वामी ने परिवार से ज्यादा लोगों को चुनावी मैदान में उतारना उचित नहीं समझा। इसके बाद अनीता ने अपनी पूरी ताकत चुनावी प्रचार में लगा दी और लगातार प्रचार कार्य में जुटी रहीं। खासकर अनीता का फोकस रामनगर व चन्नपटना सीटों पर रहा। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह अनीता के करिश्माई व्यक्त्तिव और प्रचार का ही परिणाम है कि दोनों ही सीटों से कुमारस्वामी को विजयश्री मिली। इसके लिए अनीता ने दिन-रात एक करते हुए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क साधा और पति को जिताने की अपील की। यही नहीं इसके अलावा मैसूर की भी 5 सीटों पर अनीता कुमारस्वामी का प्रभाव दिखा।
किया बगावत का दमन
इसके साथ ही अनीता ने पार्टी में उठ रहे बगावती सुरों को भी शांत करने में अहम भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस चामुंडेश्वरी सीट पर सिद्धारमैया को हराने वाले जीटी देवगौड़ा को अपने पाले में शामिल करना चाहती थी। लेकिन अनीता ने कांग्रेस के मंसूबों को नाकाम करते हुए देवगौड़ा की पत्नी और बेटे को पाला न बदलने के लिए राजी किया।
Published on:
22 May 2018 12:28 pm

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