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‘एक देश, एक चुनाव’ पर चर्चा के लिए लॉ कमिशन ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, शामिल होंगी ये पार्टियां

लॉ कमिशन ने इस दो दिवसीय मीटिंग में शामिल होने के लिए 7 राष्ट्रीय और 49 क्षेत्रीय दलों को बुलाया है।
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Kapil Tiwari

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Jul 07, 2018

Law Commission Called A Meeting

Law Commission Called A Meeting

नई दिल्ली। 'एक देश एक चुनाव' के फॉर्मूले को लेकर लॉ कमिशन (विधि आयोग) ने आज से दो दिन की एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। दिल्ली में आयोजित होने वाली इस मीटिंग में विधि आयोग ने कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को आमंत्रित किया है। बताया जा रहा है कि दो दिन तक चलने वाली इस मीटिंग में 7 राष्ट्रीय दल और 49 क्षेत्रीय दल शामिल होंगे, जिन्हें 'वन नेशन, वन इलेक्शन' फॉर्मूले पर चर्चा के लिए बुलाया गया है।

पीएम मोदी ने की थी 'एक देश एक चुनाव' फॉर्मूले की मांग

देश के अंदर लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में कराए जाने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसके बाद कई संवैधानिक संस्थाओं ने इस मांग को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। पीएम मोदी ने कई बार मंच से ये मांग की है कि देश के अंदर लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में होने चाहिए। हालांकि ये इतना आसान नजर नहीं आ रहा, क्योंकि इसके लिए सभी राजनीतिक दलों की सहमति जरूरी है, जिसके लिए विधि आयोग ने दो दिवसीय बैठक बुलाई है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने पर होगी चर्चा

इस मीटिंग से पहले लॉ कमिशन ने शामिल होने वाले राजनीतिक दलों को एक खत लिखा था, जिसमें इस मुद्दे से जुड़े उनके विचार मांगे गए थे। अगले दो दिनों तक इस मीटिंग में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में कराए जाने की चर्चा होगी। आयोग इस मामले में एक साथ चुनावों की संभावना और इसकी व्यवहार्यता पर भा बात करेगा।

यूपी सरकार ने गठित कर दी है एक कमेटी

विधि आयोग पहले ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में कराए जाने के मामले में मसौदा तैयार कर चुका है। इस मसौदे में आयोग ने संविधान के पीपुल्स एक्ट, 1950 में संशोधन करते हुए एक साथ चुनाव कराए जाने की सिफारिश की है। आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश सरकार ने तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराए जाने के मामले में एक कमेटी का गठन कर दिया है, जिसने केंद्र सरकार को सूबे में अगला विधानसभा चुनाव साल 2022 के बजाय 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कराने की सलाह दी थी।

विधि आयोग की इस मीटिंग में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा कई क्षेत्रीय पार्टियां भी शामिल होंगी। इनमें समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, बीजद, एआईएडीएमके, डीएमके, रालोद और शिरोमणी अकाली दल का नाम शामिल है।