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LIVE: यहां देखें बॉलीवुड हीरोइनों को श्रृंगार से मात देने वाले किन्नरों का डांस, बस एक क्लिक में…

भोपाल की सड़कों पर सज-धज कर किन्नर : kinner celebrate bhujaria festival ...

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kinner dance @ bhujaria festival

भोपाल। आज यानि 17 अगस्त 2019 को रक्षाबंधन के दो दिन बाद किन्नरों kinner celebrate के लिए बेहद खास दिन है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यह पर्व किन्नर समुदाय के लोग धूमधाम में मनाते हैं।

यह पर्व भुजरिया पर्व bhujaria festival 2019 के नाम से जानते हैं। जिसे आज यानि शनिवार के दिन भोपाल में सेलिब्रेट किया गया। भोपाल की सड़कों पर इस दिन किन्नर सज-धज कर निकलते हैं। वहीं अपने श्रृंगार से यह महिला किन्नरें बॉलीवुड अभिनेत्रियों को मात देती हैं।

भुजरिया पर्व bhujaria festival 2019 राखी के दो दिन बाद मनाया जाता है। इस पर्व की तैयारी राखी से लगभग 12 दिन पहले से ही की जाने लगती है। इस दौरान गेहूं के दानों को छोटे-छोटे पात्रों में अंदर मिट्टी में अंकुरित होने के लिए रख दिया जाता है।

दरअसल, भोपाल की सड़कें शनिवार आम दिनों से अलग नजर आईं। इस दौरान शनिवार को राजधानी भोपाल की सड़कों पर फिल्मी सितारों के गेटअप में प्रदेश भर के किन्नर kinner नाचते-गाते और जमकर ठुमके लगते दिखें। फिल्मी सितारों के गेटअप में यहां किन्नर कैटरीना, करीना और दीपिका के रूप में भी दिखें। जिसे देखकर ऐसा लगने लगा मानों पूरा बॉलीवुड राजधानी की गलियों और चौराहों पर उतर आया हो।

साल में एक बार होने वाले इस त्यौहार पर खुद को आकर्षक दिखाने के लिए किन्नर kinner कपड़े और प्रसाधन पर जमकर पैसे खर्च करती हैं। किन्नरों के आशीर्वाद की मान्यता होने के कारण लोग भुजरिया लेना शुभ मानते हैं। इस पर्व में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के किन्नर भोपाल पहंचे हैं।

ये हैं इस परंपरा की कहानी...
दरअसल माना जाता है कि एक बार भोपाल में राजा भोज raja bhoj के शासन काल में सूखा पड़ा। ऐसे में ज्योतिषाचार्य ने राजा भोज से अकाल से मुक्ति पाने के लिए किन्नरों से भुजरिया कराने का आग्रह किया। माना जाता है कि तब ही से यह परंपरा भोपाल में चली आ रही है।

यहां से शुरू हुआ कारवां
भोपाल में मंगलवारा और बुधवारा से किन्नरों की टोलियां फिल्मी/मंगल गीतों पर झूमते हुए चलती हैं। वहीं कारवां भोपाल शहर की इन दोनों जगहों से शुरू होकर शहर के तालाब करबला के पास तक चलता है।