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मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड : 346 में से 229 वादे अधूरे, कईयों से फेर लिया मुंह

लोकसभा चुनाव में भाजपा फिर लेकर आई वादों का पिटारा 2014 में भाजपा ने घोषणा पत्र में किए थे 346 वादे पांच साल का कार्यकाल पूरा, आधे से भी ज्यादा वादे अधूरे

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Narendra Modi

मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड : 346 में से 229 वादे अधूरे और कईयों से फेर लिया मुंह

नई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Election 2019) के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। हैरानी की बात है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा 2014 से 2019 तक यानि पूरे पांच साल केंद्र की सत्ता में रही, लेकिन उसने कभी अपने घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने पर बात नहीं की। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत सभी भाजपा नेता पूरे कार्यकाल में अधिकांश समय यही कहते रहे कि 50-60 साल में कांग्रेस ने क्या नहीं किया। जबकि राजनीति का तकाजा है कि सत्ताधारी दल ने अपने पांच साल के कार्यकाल में क्या किया और क्या नहीं किया, इसकी कसौटी उसका वह घोषणा पत्र होता है, जिसके आधार पर उसने चुनाव लड़ा हो और जीता हो। यूपीए सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में एक से बढ़कर एक आकर्षक और लोकलुभावन 346 वादे किए थे। अब पांच साल पूरे होने के बाद सरकार सिर्फ 117 वादे ही पूरे कर सकी है। यानि 229 वादों को सरकार पूरा नहीं कर पाई है। इतना ही नहीं उनमें से 39 वादों को तो छुआ तक नहीं गया है। इन 346 वादों में से उन 10-10 वादों पर एक नजर, जो पूरे हुए, अधूरे रहे या जिन्हें भुला दिया गया।

वो 10 वादे जिन्हें पूरा किया

1- देश भर में किसान बीमा योजना लागू हुई
2- 60 साल से अधिक उम्र के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना लागू
3- कर सुधार की दिशा में वस्तु एवं सेवा कर ( GST ) लागू
4- काले धन पर रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स का गठन
5- हर तरह के चुनावों में होने वाले खर्च की नई सीमा तय
6- बहुमूल्य संसाधनों ( खान और खनिज ) की ई-नीलामी
7- ब्रिटिश काल के पुराने पड़ चुके, गैरजरुरी कानून खत्म
8- आम जनता के लिए सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल बनाकर उसे मान्यता दी
9- जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए सरकार ने फंड बढ़ाकर 37802.94 करोड़ रुपए किया
10- दिव्यांग लोगों के लिए सर्वमान्य पहचान पत्र UDID प्रोजेक्ट शुरू

वो 10 वादे जिन पर काम जारी है

1- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण
2- देश में बुलेट ट्रेन और हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क को शुरु करना
3- देश में उद्योग और व्यापार को आसान बनाने के लिए टैक्स के तरीकों को अनुकूल और लाभकारी बनाने का वादा
4- देश के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) को मजबूत करने का वादा
5- खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने का वादा
6- 10 करोड़ लोगों में खून की कमी की समस्या का निदान करना
7- देशभर के बंदरगाहों को मैदानी क्षेत्र से सड़क और रेल मार्ग से जोड़ना
8- वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर हुए अतिक्रमणों को हटाना
9- देश भर में 50 टूरिस्ट सर्किट बनाने का वादा
10- देश भर में खेल अकादमियों और युवा संसद की स्थापना

वो 10 वादें जिन पर कोई काम नहीं हुआ

1- जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाना
2- एक देश-एक चुनाव यानि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना
3- लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण
4- मल्टी ब्रैंड रिटेल सेक्टर में एफडीआई 51% से ज़्यादा नहीं हुआ
5- आम लोगों को अधिक लाभ देने के लिए सरकार और प्राइवेट सेक्टर का एक साथ आना
6- सभी नई आवासीय कॉलोनियों में खेल की सुविधाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं
7- बड़ी योजनाओं में केंद्र सरकार और राज्य सरकार का आपसी तालमेल
8- उद्योगों के लिए कर्ज पर ब्याज की दरों को ठीक करना
9- देशी गायों की प्रजाति के लिए राष्ट्रीय मवेशी विकास बोर्ड के तहत नए कार्यक्रम
10- डिजिटल इंडिया के तहत भारतीय भाषाओं में सूचना को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मिशन ई-भाषा

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