
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में जीत के लिए पार्टियां हर मुमकिन कदम उठाने को तैयार हैं। ऐसे में कोई दल अपने मेनीफेस्टो को लेकर, कोई अपने उम्मीदवारों को लेकर, तो कोई अपने प्रचार के तौर-तरीकों को लेकर सुर्खियों में है। जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के चुनावी पोस्टर इस वक्त सुर्खियों में है। दरअसल, देशभर को भगवा रंग में रंगने का दावा और लक्ष्य रखने वाली पार्टी का अपना रंग घाटी में भगवा से बदलकर हरा होता नजर आ रहा है।
घाटी में भाजपा का हरा प्रेम
जम्मू-कश्मीर में भाजपा के झंडों से लेकर पोस्टरों तक, प्रचार के लिए उपयोग में आने वाली हर सामग्री से भगवा रंग हटाकर इसकी जगह हरे रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही वहां के स्थानीय अखबारों में प्रकाशित भाजपा के चुनावी विज्ञापनों में से भी भगवा रंग गायब है। ऐसा माना जाता है कि धार्मिक वजहों से कश्मीर घाटी में हरे रंग को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। शायद यही वजह है कि भाजपा ने घाटी के वोटरों को लुभाने के लिए अपनी चुनाव प्रचार सामग्री का रंग-रूप ही बदल दिया।
कमल भी हुआ सफेद
मीडिया रिपोर्ट में कश्मीर के स्थानीय अखबार में प्रकाशित एक विज्ञापन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विज्ञापन में श्रीनगर से भाजपा के उम्मीदवार खालिद जहांगीर का प्रचार किया जा रहा है। खास बात यह है कि वोटिंग की अपील के लिए विज्ञापन के डिजाइन में हरे रंग का इस्तेमाल प्रमुखता से हुआ है। यही नहीं, इसमें भाजपा का चुनाव चिह्न (कमल) भी सफेद रंग में दिखाई दे रहा है। विज्ञापन में पीएम नरेंद्र मोदी की फोटो भी है और उर्दू भाषा में 'झूठ छोड़ें, सच बोलें' स्लोगन छापा गया है। बता दें कि वोटिंग अपील भी उर्दू में ही की गई है।
भाजपा प्रवक्ता की सफाई
इस तरह विज्ञापन के बारे में जब चर्चा बढ़ी तो मीडिया ने भाजपा से इसपर टिप्पणी लेने की कोशिश की। बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इसका जवाब चतुराई से देते हुए कहा कि पार्टी के झंडे में एक रंग हरा भी है। उन्होंने कहा कि हरा रंग शांति और विकास का प्रतीक है, इसलिए इसका इस्तेमाल किया गया है।
Updated on:
05 Apr 2019 07:48 pm
Published on:
05 Apr 2019 03:22 pm
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