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उत्तर प्रदेश में मराठी भाषा को वैकल्पिक करने की बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह ने CM योगी से की मांग, बताई ये वजह

उत्तर प्रदेश में मराठी भाषा को वैकल्पिक करने की मांग महाराष्ट्र बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह ने की है। हालांकि सीएम योगी इस मांग को स्वीकार करेंगे या नहीं इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। जबकि कृपाशंकर सिंह की इस मांग के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

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Kripashankar Singh

Kripashankar Singh

मुंबई: महाराष्ट्र में अभी राज्यसभा चुनाव के लिए घमासान मचा हुआ है। छह सीटों पर सात उम्मीदवारों के उतरने से लड़ाई रोमांचक हो गई है। इन सब के बीच यूपी में मराठी भाषा को वैकल्पिक दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र के भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने की है। हालांकि सिंह की मांग को यूपी सरकार मानेगी या नहीं यह सबसे बड़ा सवाल है। महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसे लेकर पत्र लिखा है। उनका कहना है कि इससे महाराष्ट्र में उन्हें बेहतर नौकरी पाने में मदद मिलेगी।

कृपाशंकर सिंह ने यूपी की बीजेपी सरकार से पत्र लिखकर मांग की है कि मराठी को वैकल्पिक भाषा का दर्जा दिया जाए। उनकी इस मांग को लेकर एक बहस जरूर छिड़ सकती है। लेकिन बीजेपी ने अब शिवसेना और मनसे के सामने एक चुनौती जरूर पेश कर दी है। सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में उत्तर प्रदेश में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक छात्रों के लिए मराठी को वैकल्पिक भाषा के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया हुआ है।

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गौर हो कि बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह मूल रूप से यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं। साथ ही वह साल 2004 में महाराष्ट्र की कांग्रेस-एनसीपी की सरकार में गृह राज्यमंत्री रहे थे। सिंह ने साल 2019 में आर्टिकल 370 खत्म करने का समर्थन करते हुए कांग्रेस को अलविदा कहा था। फिर साल 2021 में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। वैसे मौजूदा समय में मराठी महाराष्ट्र और गोवा की आधिकारिक राजभाषा है। साथ ही भारत में तीसरे नंबर पर बोली जाने वाली भाषा है।