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CBI और मोदी सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी का धरना खत्म, मोदी हटाओ-देश बचाओ का दिया नारा

CBI विवाद और मोदी सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी धरने पर बैठी थीं।
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ममता बनर्जी का धरना खत्म, तीन दिनों से CBI और मोदी सरकार के खिलाफ धरने पर थीं बैठी

कोलकाता: CBI और मोदी सरकार के खिलाफ तीन दिनों से धरने पर बैठीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने अपना धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि न्यायालय के सकारात्मक फैसले के बाद धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे को अगले हफ्ते दिल्ली में उठाऊंगी। उन्होंने कहा कि 13 से 14 फरवरी को दिल्ली में धरना दूंगी। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कोलकाता पहुंचकर उनसे मुलाकात की और धरना खत्म करने की अपील की थी। नायडू ने कहा कि ममता विपक्ष की मजबूत स्तंभ हैं। वहीं शरद यादव ने भी ममता से धरना खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष आपके साथ है।

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार, राज्य एजेंसियों समेत सभी एजेंसियों का इस्तेमाल करना चाहती है। अब आपका समय आ गया है कि आप दिल्ली से इस्तीफा देकर गुजरात वापस चले जाओ। ममता ने धरना स्थल से मोदी हटाओ देश बचाओ का नारा भी दिया।

सीबीआई ने पुलिस कमिश्नर के घर पर मारा था छापा

गौरतलब है कि 3 फरवरी को शारदा चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर पर छापेमार कार्रवाई करने पहुंची थी। लेकिन कोलकाता पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। साथ ही ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर के घर पर पहुंच गई थीं और वहां से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर सीबीआई के इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गई थीं।

सीबीआई विवाद को लेकर धरने पर बैठी थीं ममता

सीबीआई और पुलिस कमिश्नर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को झटका देते हुए कहा कि राजीव कुमार सीबीआई के समक्ष पेश हो। राजीव कुमार शिलांग में सीबीआई अधिकारी के पास उपस्थित होकर चिटफंड घोटाले से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं। बता दें कि शरदा चिटफंड मामले में एसआईटी गठित की गई थी। राजीव कुमार एसआईटी का नेतृत्व कर रहे थे। सीबीआई कई समन जारी कर चुकी थी। लेकिन सीबीआई के सामने राजीव कुमार पेश नहीं हो रहे थे। उसके बाद 3 फरवरी को सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर पहुंची थी। लेकिन सीबीआई अधिकारियों को पूछताछ के लिए रोक दिया गया।