
मेनका गांधी ने किया था ट्रांसजेंडर्स का किया था अपमान, फजीहत के बाद मांगी माफी
नई दिल्ली: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने अपने एक बयान को लेकर माफी मांगी है। गांधी ने कहा कि पिछले सप्ताह लोकसभा में मानव तस्करी रोधी विधेयक को पेश करते समय ट्रांसजेंडर समुदाय पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगती हूं। केंद्रीय मंत्री ने विधेयक के कारण यौनकर्मियों के उत्पीड़न को लेकर सांसद शशि थरूर के प्रश्नों का जवाब दे रही थीं, तभी उन्होंने 'अदर वन' शब्द का इस्तेमाल किया और ट्रांसजेंडर का जिक्र करते हुए हंस पड़ीं।
सदन में हंसना मेरे ज्ञान की कमी: मेनका
मेनका गांधी ने ट्विटर पर लिखा, 'मैं लोकसभा में मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक, 2018 पर हुई बहस के दौरान 'अन्य व्यक्ति'(अदर वन) शब्द का उपयोग करने के लिए माफी मांगती हूं। मैं हंसी नहीं थी, मैं अपने ज्ञान की कमी को लेकर शर्मिंदा थी।'
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इस तरह किया खुद का बचाव
केंद्रीय महिला ने आगे कहा, 'मैं ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए उपयोग की जाने वाली आधिकारिक शब्दावली से अवगत नहीं थी। भविष्य में सभी प्रकार की आधिकारिक बातचीत में टीजी शब्द का इस्तेमाल करेंगे। मैं आपको आश्वस्त करना चाहती हूं कि मानव तस्करी रोधी विधेयक 2018 सबके प्रति निष्पक्ष है, यह पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करता है।'
मानव तस्करी-रोधी विधेयक पेश करते हुए हंसी थीं मेनका
बता दें कि 26 जुलाई को मेनका गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में मानव तस्करी-रोधी विधेयक पेश किया, जिसमें मानव तस्करी की शिकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास का प्रावधान है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने निचले सदन में चर्चा के लिए इस विधेयक को पेश किया और इसे नया कदम बताया। मानव तस्करी (बचाव, सुरक्षा एवं पुनर्वास) विधेयक में इस तरह के मामलों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानव तस्करी-रोधी ब्यूरो के गठन का भी प्रावधान है। इसी दौरान ट्रांसजेंडर का जिक्र करते हुए वह हंस पड़ीं थीं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खिंचाई हुई थी।
महिला-बच्चों और ट्रांसजेंडर के लिए है विधेयक
मेनका ने कहा, 'मानव तस्करी सीमारहित अपराध है। कुछ चुनिंदा अपराधों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जब महिलाओं और बच्चों को सोने की तरह बेचा जाता हो तो हम चुप कैसे रह सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'इस अपराध से वर्षो से पीड़ित लाखों लोगों को सुरक्षा दिलाने के लिए आइए आज इस विधेयक को वास्तविकता बनाएं।' सांसदों से मानव तस्करी-रोधी विधेयक को पारित करने का आग्रह करते हुए मेनका ने कहा,'हम सभी पीड़ितों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की तस्करी के लिए जिम्मेदार हैं। आज हमारे पास एक मौका है, जिससे हम उन्हें उनके अधिकारों की गारंटी दे सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि अपराधियों पर कार्रवाई होगी।'
Published on:
30 Jul 2018 08:42 pm
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