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घोषणा पत्र-2019: इस बार कांग्रेस केवल वादे नहीं बल्कि उसे पूरे करने का रोडमैप भी करेगी पेश

चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी विचारधारा पर खास जोर दे सकती है। यूपीए-एक और यूपीए-दो सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र होगा। सबसे अधिक ध्यान एनडीए सरकार की विफलताओं और उनसे निपटने के उपायों पर होगा।

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घोषणा पत्र-2019: इस बार कांग्रेस केवल वादे नहीं बल्कि उसे पूरे करने का रोडमैप भी करेगी पेश

नई दिल्‍ली।लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Election 2019) में सत्ताधारी भाजपा के लिए अपनी साख बचाने की चुनौती है, तो कांग्रेस के लिए भी अस्तित्वम का सवाल है। एक लंबे अरसे तक केंद्र में सत्ता में रही कांग्रेस जहां दिल्ली में दोबारा सरकार बनाने के लिए छटपटा रही है, वहीं भाजपा भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह के चुनावी चमत्कार पर सवार होकर फिर सत्ता पर काबिज होने की जुगत भिड़ा रही है। लेकिन पिछले कुछ समय में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कुछ बढ़त बनाती नजर आ रही है। देश के 5 करोड़ गरीब लोगों के लिए न्यूनतम आय की गारंटी वाली योजना की घोषणा करके राहुल गांधी ने गरीबों का दिल जीत लिया। अब बताया जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ऐसी और भी लोकलुभावन योजनाएं की घोषणा कर सकती है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में न केवल चुनावी वादे होंगे, बल्कि उन्हें हासिल कैसे किया जाएगा, वे तौर-तरीके भी बताए जाएंगे।

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आपको बता दें कि इस बात को ध्‍यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अगस्‍त, 2018 में घोषणा पत्र समिति का गठन किया था। इसके अध्‍यक्ष पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता पी चिदंबरम हैं। इस समिति ने घोषणा पत्र का प्रारूप तैयार भी कर लिया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए हाल ही में राहुल गांधी के आवास पर सीडब्‍लूसी की बैठक भी हुई थी। बैठक के बाद न्‍याय (न्‍यूनतम आय योजना) की घोषणा भी कांग्रेस अध्‍यक्ष कर चुके हैं। अन्‍य मुद्दों का खुलासा अभी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही पार्टी 2019 का घोषणा पत्र जारी कर सकती है।

कांग्रेस का संभावित घोषणा पत्र-2019
1. न्‍याय (न्‍यूनतम आय योजना) को कांग्रेस पूर्ण घोषणा पत्र जारी करने से पहले ही घोषित कर चुकी है। इस योजना के तहत कांग्रेस ने देश के 20 प्रतिशत गरीबों को सिलसिलवार तरीके से 72 हजार रुपए सालाना देने का वादा किया है।

2. युवाओं को रोजगार मुहैया कराने पर कांग्रेस के घोषणा पत्र में सबसे ज्यादा जोर हो सकता है। 2014 में पार्टी ने युवाओं से 10 करोड़ नए अवसर पैदा करने का वादा किया था। पार्टी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार को जमकर घेरा है। तय है कि पार्टी पहले से ज्‍यादा रोजगार व नए अवसर पैदा करने पर जोर देगी।

3. अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने का रोडमैप घोषणा पत्र में शामिल हो सकता है। इसके अलावा रोजगारपरक नई योजनाओं का भी वादा कर सकती है।

4. किसान कर्जमाफी और कृषि फसलों को सही दाम मुहैया कराने पर पार्टी जोर देगी। पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार किसानों के कर्ज माफी का मुद्दा उठा रहे हैं। मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्तीसगढ़ में सता में आते ही किसानों का कर्ज माफ किया गया है। अब इस योजना को पार्टी देश भर में लागू कर सकती है।

5. खाद्य सुरक्षा योजना पर कांग्रेस ने यूपीए वन और टू के समय में भी जोर देते हुए खाद्य सुरक्षा बिल पास किया था। इस बार पार्टी इस योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी और खाद्य तेल उपलब्ध कराने का वादा कर सकती है। 2014 के चुनाव घोषणा पत्र में पार्टी ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कुछ और वस्तुओं को शामिल करने के संकेत दिए थे। इस बार सूची में और वस्‍तुओं को शामिल किया जा सकता है।

6. सभी बुजुर्गों को यूनिवर्सल पेंशन देने का भी कांग्रेस वादा कर सकती है, ताकि वरिष्‍ठ नागरिकों को होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके।

7. इसी तरह कांग्रेस पार्टी आयुष्‍मान योजना की तर्ज पर इससे भी व्‍यापाक योजना की घोषणा कर सकती है। ऐसा हुआ तो हो सकता है कि मध्‍यवर्गीय लोगों को भी इस योजना में पार्टी घोषणा पत्र में शामिल कर ले।

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कांग्रेस घोषणा पत्र-2014 के प्रमुख वादे
1. संसद में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने को लेकर महिला आरक्षण बिल पास करना, सभी पंचायतों और नगरपालिकाओं के फंड का 30 प्रतिशत महिला सशक्तिकरण पर खर्च करने का वादा पार्टी ने किया था। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए फास्‍ट ट्रैक कोर्ट की स्‍थापना भी कांग्रेस के वादों में शामिल था।

2. प्रत्‍येक नागरिक तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं पहुंचाने के लिए जीडीपी का तीन प्रतिशत बजट केवल स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी योजनाओं पर खर्च करने पर जोर दिया गया था।

3. देश में अल्‍पसंख्‍यकों की सुरक्षा के लिए कम्‍यूनल वॉयलेंस बिल लाना और शासकीय सेवाओं में आरक्षण कांग्रेस की प्राथमिकताओं में शामिल था।

4. युवाओं को उच्‍चस्‍तरीय शिक्षा, रोजगार और खेलों की सुविधाएं मुहैया कराना। जॉब्‍स एजेंडा के माध्‍यम से रोजगार के 10 करोड़ नए अवसर पैदा करने की योजना।

5. तीन वर्षों में 8 प्रतिशत से अधिक की विकास दर हासिल करना। डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड और 'जीएसटी बिल द्वारा विकास दर बढ़ाए जाने का वादा।

6. सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य और पेंशन की सुविधा। एक वर्ष के भीतर सभी दिहाड़ी मजदूरों को आधार योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने की योजना।

7. आरक्षण के माध्‍यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्‍य पिछड़े वर्गों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना, शासकीय विद्यालयों और समस्‍त ब्‍लॉक स्‍तर पर कौशल विकास की योजनाएं प्रारंभ करने, निजी क्षेत्रों में भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना।

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