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विपक्ष और सरकार में बनी सहमति, 11 अगस्त को राज्यसभा में मणिपुर को लेकर जवाब दे सकते हैं गृहमंत्री!

Manipur: सदन में चल रहे गतिरोध के बीच गुरुवार को विपक्ष ने नियम 167 के तहत सरकार को चर्चा आयोजित करने का सुझाव दिया। इसे यदि सदन द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है तो अध्यक्ष की सहमति से एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

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 Manipur Violence HM answer on Manipur in Rajya Sabha on August 11


मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष और सरकार में रोज तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। एक तरफ विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़ा हुआ था। वहीं, सरकार की तरफ से जवाब देने के लिए केंद्रीय मंत्री रहे थे। हालांकि अब विपक्ष और सरकार के बीच सहमति बनती दिख रही है।

दोनों पक्षों के नेताओं ने गुरुवार को इस बाते के संकेत भी दिए। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री से बयान की मांग छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि नियम 167 के तहत राज्यसभा में बहस हो, जिसमें अंत में एक प्रस्ताव पारित किया जाना शामिल है। वहीं, संभावना जताई जा रही है कि मानसून सत्र के आखिरी दिन 11 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में मणिपुर की स्थिति पर जवाब दे सकते हैं।

सरकार और विपक्ष के बड़े नेता के बीच हुई बैठक

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार सुबह दोनों पक्षों के बीच सदन चलाने को लेकर बातचीत हुई। इस मामले से जुड़े एक नेता ने बताया कि सरकार और विपक्ष के बीच बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी के अलावा विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे। इसमें यह निर्णय लिया गया कि विपक्ष नियम 267 के तहत होने वाली चर्चा के लिए दबाव नहीं डालेगा। इस दौरान यह सुझाव दिया गया कि चर्चा नियम 167 के तहत की जानी चाहिए।

मणिपुर को लेकर प्रस्ताव ला सकती है सरकार

विपक्ष के द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष भी सहमत दिख रही है। मीडिया से बात करते हुए BJP नेताओं ने कहा कि वे एक निर्णय के साथ आएंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि सरकार सोच-समझकर निर्णय लेगी क्योंकि चर्चा के अंत में एक प्रस्ताव अपनाया जाना है। उन्होंने कहा, "संकल्प की शब्दावली विवाद का एक और मुद्दा हो सकती है।


मणिपुर को देखभाल, उपचार और सांत्वना की जरूरत- TMC

इस पूरे मामले पर टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि विपक्ष मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करने का इच्छुक है और गतिरोध किसी की मदद नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम यहां अहंकार दिखाने के लिए नहीं हैं। हम आपके माध्यम से अपील करते हैं कि मणिपुर को देखभाल, उपचार और सांत्वना की जरूरत है।

आइए एक समाधान खोजें।" टीएमसी नेता ने कहा कि विपक्ष ने उन नियमों का मुद्दा उठाया है जिनके तहत चर्चा होनी चाहिए। इस मुद्दे पर 6-8 घंटे की चर्चा होनी चाहिए। वहीं, सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए सक्रिय है। हमें वहां शांति और स्थिरता स्थापित करने वाला संदेश भेजने की जरूरत है।