
कभी मनमोहन सरकार के करीबी रहे बड़े अधिकारी का दावा, यूपीए सरकार ने आतंकवादियों को बचाने का किया काम
नई दिल्ली। हिंदू आतंकवाद पर दिग्विजय सिंह के भड़काव बयान के बाद एक बार फिर यूपीए सरकार के कार्यकाल में गृह मंत्रालय में अहम जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी आरवीएस मणि ने कहा कि सही मायने में हिंदू आतंकवाद का कोई आधार नहीं है। हकीकत यह है कि हिंदू आतंकवाद के नाम पर यूपीए सरकार ने समझौता बम ब्लास्ट और मक्का मस्जिद बम विस्फोट के आतंकियों को बचाने का काम किया। आतंकियों को बचाने के चक्कर में ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं ने हिंदू आतंकवाद जैसा षडयंत्र रचने का काम किया। आपको बता दें कि वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस बम ब्लास्ट और मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट हुआ था।
आरिफ कस्मानी और बिलाल को बचाया
गृह मंत्रालय में पूर्व अधिकारी रहे आरवीएस मणि यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि हिंदू आतंक के नाम पर सरकारी संसाधनों का उपयोग कर कांग्रेस सरकार ने असली आतंकवादियों को बचाने का काम किया। समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के आरोपी अरिफ कस्मानी और मक्का मस्जिद विस्फोट के मामले में मुख्य आरोपी बिलाल को बच निकलने का यूपीए सरकार के नेताओं और मंत्रियों ने मौका दिया। इस पीछे कांग्रेसी नेताओं की सोच क्या रही होगी इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। लेकिन उनका साफ तौर पर कहना है कि हिंदू आतंकवाद का कोई आधार नहीं है। यह एक साजिश है। उन्होंने कहा कि इस बात का जिक्र मैं पहले भी कर चुका हूं। 2010 तक हिंदू आतंक पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। उसके बाद भी ऐसी कोई बात नहीं थी। मैंने एक पुस्तक लिखी है जो स्पष्ट रूप से बताती है कि कैसे दिग्विजय सिंह ने हिंदू आतंक की नींव रखी और इसे फैलाने का काम किया। कांग्रेस के उसी षडयंत्र के तहत हिंदू आतंकवाद के नाम पर फंसाने का काम किया गया।
मैंने संघी आतंकवाद की बात की
आपको बता दें कि सोमवा को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर आरएसएस पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने कहा कि जितने भी हिंदू धर्म के आतंकवादी पकड़े गए हैं वे सब के सब संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। मध्य प्रदेश में एकता यात्रा पर निकले दिग्विजय सिंह ने झबुआ में कहा कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे भी आरएसएस का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा नफरत फैलाती है, नफरत हिंसा की ओर ले जाती है और हिंसा आतंकवाद की ओर ले जाती है। इससे पहले भी दिग्विजय सिंह आरएसएस पर निशाना साध चुके हैं। पिछले दिनों सागर में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैंने हिंदू आतंकवाद नहीं, बल्कि संघी आंतकवाद की बात कही है। उन्होंने कहा कि मैंने कई मामले उठाए, जिसमें सजा भी हुई है। हिंदू शब्द का जिक्र वेदों और पुराणों में भी नहीं है।
Published on:
19 Jun 2018 08:12 am

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