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कांग्रेस का बड़ा आरोप, मोदी सरकार जानबूझ कर छिपा रही रफाल विमानों की कीमत

'मोदी सरकार गोपनीयता के नाम पर सरकारी खजाने को हुए नुकसान पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। '

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Chandra Prakash Chourasia

Oct 31, 2018

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मोदी सरकार जानबूझ कर छिपा रही रफाल विमानों की कीमत: कांग्रेस

नई दिल्ली। रफाल लड़ाकू विमान सौदा मोदी सरकार के गले की फांस बन चुका है। विपक्ष के लगातार हमलों के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रूख अपनाया है। इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार रफाल विमानों की कीमत जानबूझ कर छिपा रही है जबकि इस सौदे के दस्तावेजों में कहीं नहीं लिखा है कि विमानों की कीमत नहीं बताई जा सकती है।

जेपीसी से हो रफाल सौदे की जांच: कांग्रेस

मंगलवार को कांग्रेस ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से रफाल विमान सौदे पर केंद्र सरकार को दिया गया निर्देश हमारी बात को आगे बढ़ाता है। पार्टी इस मसले की व्यापक जांच के लिए तत्काल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग करती है।

'रफाल सौदे से मोदी सरकार ने खजाने को पहुंचाया नुकसान'

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार रफाल लड़ाकू विमानों की कीमत छिपा रही है जबकि इस सौदे के दस्तावेजों में कहीं नहीं लिखा है कि विमानों की कीमत नहीं बताई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गोपनीयता के नाम पर सरकारी खजाने को हुए नुकसान पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। तिवारी ने कहा कि जेपीसी से ही इस सौदे की व्यापक जांच संभव है। इससे यह भी खुलासा हो जाएगा कि इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस आधार पर बदला है और वायु सेना की जरूरत के मुताबित 126 विमानों की जगह सिर्फ 36 विमानों का सौदा तय किया गया है।

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मोदी सरकार की 'भ्रष्टाचार की नौका' डूब जाएगी: सुरजेवाला

दूसरी ओर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भ्रष्टाचार से भरी बीजेपी सरकार उपरोक्त जांचों से ज्यादा समय तक नहीं बनी रह सकती। सुरजेवाला ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आरोपी लंबे समय तक जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) जांच से भाग नहीं सकते। उन्होंने कहा कि देश अब जानता है कि रफाल सौदा पारदर्शिता की विफलता, मेक इन इंडिया, सरकारी पीएसयू व रोजगार सृजन की विफलता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऑफसेट साझेदार के चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने के बाद मोदी सरकार की 'भ्रष्टाचार की नौका' डूब जाएगी।