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मोदी के मन की बात, ‘आडवाणी और जोशी को 2019 का चुनाव लड़वाना चाहते हैं’

2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
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नई दिल्ली

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Kaushlendra Pathak

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Updated: 5 Jun 2018, 4:12 PM IST

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मोदी के मन की बात, 'आडवाणी और जोशी को 2019 का चुनाव लड़वाना चाहते हैं'

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बिसात बिछ चुकी है। जोड़-तोड़ से लेकर गठबंधन तक की रणनीति बनने लगी है। वहीं, अब भाजपा ने भी अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी कमर कस ली है। दरअसल, भाजपा एक बार फिर अपने कुछ वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़वाना चाहती है। एक बांग्ला समाचार पत्र के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि लाल कृष्ण आडवाणी एक बार फिर चुनाव लड़े। इसके अलावा पार्टी कई और वरिष्ठ नेताओं को भी एक बार फिर चुनाव लड़वाना चाहती है। जो अभी बिल्कुल सुर्खियों से दूर हैं।

आडवाणी और जोशी को फिर चुनाव लड़वाना चाहते हैं मोदी

अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कुछ दिन पहले नरेन्द्र मोदी 90 वर्षीय आडवाणी से उनके आवास पर मिले थे। इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यह प्रस्ताव लेकर आडवाणी से मिलने गए थे। गौरतलब है कि आडवाणी ने पिछले लोकसभा चुनाव में गुजरात की गांधीनगर सीट से जीत दर्ज की थी, हालांकि उसके बाद से वो पार्टी में साइड ही चल रहे हैं। आडवाणी और जोशी को पार्टी के संसदीय बोर्ड में भी जगह नहीं दी गई। बल्कि, उन्हें मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया।

लगाए जा रहे हैं कई मायने

बुजुर्ग नेताओं को मैदान में उतारने का प्लान अचानक सामने आने से सियासी हलचल मच गई है। क्योंकि, भाजपा ज्यादातर बुजुर्ग नेताओं को साइड लाइन कर चुकी है। ऐसे में इस फैसले के कई मायने लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में हुए उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है। साथ ही पार्टी का जनाधार भी कम हुआ है। इतना ही नहीं एनडीए के कई सहोयगी दल भी भाजपा से नाराज है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि चुनाव से पहले पार्टी एक बार फिर खुद को मजबूत करना चाहती है। साथ ही पार्टी उम्मीदवारों की उम्र की जगह उनकी जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि इस पैतरे से भाजपा 2019 की नैया पार करती है या फिर पार्टी कोई नया प्लान बनाती है।