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बंगाल हिंसा पर बाबुल सुप्रियो का बयान, जिहादी है ममता सरकार

बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट कर ममता सरकार को जिहादी करार दिया है।

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Babul Supriyo

Babul Supriyo

नई दिल्ली: पिछले 3-4 दिनों के अंदर देश के अलग-अलग हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें आई हैं। इनमें बिहार और पश्चिम बंगाल में रामनवमी के अवसर पर भड़की हिंसा बड़ी घटनाएं हैं। रामनवमी के मौके पर बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं को लेकर सियासी दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

केंद्रीय मंत्री ने ममता सरकार को बताया जिहादी
पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ममता सरकार को घेरा है। बाबुल सुप्रियो ने हिंसा के ममता बैनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को जिहादी करार दिया है। आसनसोल से सांसद सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल पुलिस को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा पुलिस के कार्रवाई नहीं करने की वजह से हिंसा ने इतना बड़ा रूप लिया। राज्य सरकार ने तुष्टीकरण के लिए कोई एक्शन नहीं लिया और राज्य को दंगे की आग में झुलसने दिया। सुप्रियो ने ट्वीट कर ममता सरकार पर ये आरोप लगाए हैं।

पुलिस भी सियासी लोगों के आदेश पर काम कर रही है
बाबुल सुप्रियो ने कहा कि अगर राज्य सरकार चाहती तो इस हिंसा को टाला जा सकता था, लेकिन पुलिस भी सियासी लोगों के आदेश पर काम कर रही थी। ट्वीट करते हुए सुप्रियो ने कहा कि जिहादी सरकार को बता देंगे कि बंगाल की आत्मा अभी जिंदा है। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया पर सैकड़ों तस्वीरें वायरल हो रही है अगर इनमें से 25 फीसदी भी सही हैं तो पता चल जाएगा कि हालात कितने खराब हैं।

पश्चिम बंगाल और बिहार में हुई हैं सांप्रदायिक हिस्सा
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के रानीगंज में रामवमी के अवसर पर हिंसा भड़की थी तो वहीं बिहार में भी हालात तनावपूर्ण हैं। बंगाल में रानीगंज और आसनसोल में हिंसा भड़की, जबकि बिहार के भागलपुर, औरंगाबाद, समस्तीपुर और मुंगेर में भी रामनवमी के मौके पर सांप्रदायिक हिंसा की खबरें आई हैं। वहीं तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए आसनसोल में धारा 144 लगा दी गई है। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। बिहार में भी हिंसाग्रस्त इलाकों में हालातों का सामान्य करने में प्रशासन के हाथ-पांव भी फूले हुए हैं। यहां 125 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।