MP Floor Test की सुनवाई 19 मार्च तक टली, SC ने कहा- इस्तीफे से संतुष्ट नहीं, तो अस्वीकार कर सकते हैं

  • MP Floor Test: मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) में नहीं थम रहा सियासी संकट
  • फ्लोर टेस्ट ( Floor Test ) पर सुप्रीम कोर्ट ( supreme court ) में सुनवाई
  • हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ( Digvijay Singh)

By: Kaushlendra Pathak

Updated: 18 Mar 2020, 06:23 PM IST

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) पहुंच चुका है। फ्लोर टेस्ट ( Floor Test ) के लिए दोबारा सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) में सुनवाई हुई।

- सुप्रीम कोर्ट में कल तक के लिए सुनवाई टल गई।

- सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर से सवाल किया कि आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया?
- कोर्ट ने कहा- क्या ये विधायक अपने आप अयोग्य नहीं हो जाएंगे? अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं।
- कोर्ट ने यह भी कहा कि आपने 16 मार्च को बजट सत्र को टाल दिया, अगर बजट को पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा?

- कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर से पूछा- बिना बजट राज्य कैसे चलेगा?

- हेमंत गुप्ता ने सिंघवी से कहा कि अगर आप इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकते तो उन्हें रिजेक्ट कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के हित में यह कैसा न्याय है कि एक दिन बजट सत्र बुलाकर उसे स्थगित कर दिया गया।

- अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि क्या कोर्ट सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर की शक्ति में कटौती कर सकता है?

- जज ने इसके लिए मना किया और कहा कि वो ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकते।

- मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर अदालत चाहे तो वह 16 बागी विधायकों को जज के चैंबर में या रजिस्ट्रार के सामने पेश कर सकते हैं।

- मध्य प्रदेश मामले को लेकर दोबारा सुनवाई शुरू

- बीजेपी के मुकुल रोहतगी ने कहा कि तुरंत बहुमत परीक्षण का आदेश दिया जाए

- दोपहर दो बजे तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है।

- जस्टिस अरुण मिश्रा बोले- सब कुछ सरकार के भरोसे नहीं छोड़ सकते

- विधायकों के बिना फ्लोर टेस्ट कैसे- कांग्रेस

- इस मामले में कोई अंतरिम आदेश न दिया जाए- कांग्रेस

- लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश- कांग्रेस

- हमारे MLA को अगवा किया गया- कांग्रेस

- राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक- कांग्रेस

- मामले को फिलहाल टाला जाना चाहिए- कांग्रेस के वकील

- अभी दुनिया गंभीर समस्या से जूझ रही है- कांग्रेस के वकील

- अभी बहुमत परीक्षण की जरूरत नहीं: कांग्रेस के वकील

- मामले को संवैधानिक बेंच को सौंपा जाए: कांग्रेस के वकील

- हमारे विधायकों को अगवा किया गया- कांग्रेस

- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस ने कहा कि जवाब के लिए वक्त मिले।

इससे पहले सुबह में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही मुकुल रोहतगी की ओर से कहा गया कि वो AGR के मामले में सुनवाई के लिए जाना चाहते हैं, जिसके बाद अदालत ने उनकी बात मान ली। अब मध्य प्रदेश के मसले पर दोपहर बाद सुनवाई होगी। वहीं, कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा है। गौरतलब है कि बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके मध्य प्रदेश में तत्काल फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है।

इधर, मध्य प्रदेश के सियासी ड्रामे का असर कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में भी दिख रहा है। बेंगलूरु में कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह, डीके शिवकुमार समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। डीके शिवकुमार ने कहा कि हमारी पार्टी के विधायकों से मिलने आए हैं। विधायकों में से एक ने टेलीफोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया और छुड़ाने के लिए उनसे अनुरोध किया। पुलिस के पास उन्हें ब्लॉक करने का अधिकार नहीं है, वह उच्च अधिकारियों से अनुरोध करना चाहते हैं क्योंकि यहां की पुलिस कर्नाटक सीएम के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।

वहीं, दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने विधायकों से मिलने दिया जाना चाहिए था। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। दिग्विजय ने दावा किया कि हम सरकार भी बचाएंगे और हमारे विधायकों को भी वापस लेंगे। यहां आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह समेत सभी नेता बागी कांग्रेस विधायकों से मिलने की मांग कर रहे थे और अनुमति न मिलने पर होटल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ऐहतियातन के तौर पर उन्हें हिरासत में ले लिया है।

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