
ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना पूरी तरह सही- संजय राउत (Photo: IANS)
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका इस्तीफा न देने का फैसला पूरी तरह न्यायसंगत है। राउत ने कहा कि ममता बनर्जी की यह भूमिका उनके आंदोलन का हिस्सा है और इंडिया गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। यह ममता बनर्जी की हार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हार है।
संजय राउत ने उद्धव ठाकरे बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई नेता खुद इस्तीफा देता है तो बाद में कोर्ट भी उसे पद पर बहाल नहीं कर पाता। यह खुद सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे मामले में कहा था। ऐसे में ममता बनर्जी का इस्तीफा न देने का निर्णय पूरी तरह से सही है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “ममता बनर्जी का इस्तीफा न देने का फैसला पूरी तरह न्यायसंगत है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा उद्धव ठाकरे बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में दिए गए फैसले के अनुसार, अदालत ने उद्धव ठाकरे को दोबारा पद पर बहाल इसलिए नहीं किया था, क्योंकि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया था।“
इससे पहले मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि भले ही ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन अब पूरा विपक्षी गठबंधन उनके समर्थन में खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत कर उनका समर्थन जताया है।
राउत ने कहा कि राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे ने भी ममता बनर्जी से चर्चा की है और उनके संघर्ष में साथ रहने का भरोसा दिया है।
संजय राउत ने कहा कि ममता बनर्जी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनकी हार हुई है और इंडिया गठबंधन भी उनके इस रुख से सहमत है। ममता दीदी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई जगहों पर बूथों पर गड़बड़ी हुई, मतदाता सूची से नाम हटाए गए और कुछ विधानसभा क्षेत्रों में अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने कहा, “मोदी और शाह ने सेना, दहशत, आर्थिक आतंकवाद और मतदाता सूची से नाम हटाकर ममता बनर्जी को हराने का षड्यंत्र किया। बंगाल में इजरायल-ईरान युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी गई।”
संजय राउत ने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा गलत के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ी होती हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आवाज उठाई है। वह हार मानने वालों में से नहीं हैं। वह हमेशा से सड़क से लेकर सत्ता तक आंदोलन की राजनीति करती रही हैं और यही उनका सियासी अंदाज है।
संजय राउत ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग ‘खलनायक’ की भूमिका में नजर आया। राउत ने कहा कि मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों पर धमकियां दी गईं, जो बेहद शर्मनाक था। उन्होंने दावा किया कि करीब 100 विधानसभा सीटों पर गड़बड़ियां हुईं।
Published on:
06 May 2026 03:57 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
